इलाहाबाद के स्टूडेंट दिलीप सरोज हत्या के मुख्य आरोपी विजय शंकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विजय को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि आरोपी को किस जगह से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद जोन के एडीजी ने विजय शंकर की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। इससे पहले पुलिस ने 4 लोगों को मामले में आरोपी बनाया था। दो लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इलाहाबाद के मृत स्टूडेंट दिलीप सरोज के परिजनों को 20 लाख रूपए देने की घोषणा की है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने परिजनों को चेक सौंपा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले में कहा था कि, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कानून की पढ़ाई कर रहे छात्र दिलीप सरोज की दबंगों की तरफ से बेरहमी से पीटने से मौत की घटना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की कानून व्यवस्था ध्वस्त है। यूपी सरकार मृतक छात्र के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा दे।” जानकारी के लिए बता दें कि 9 फरवरी की रात इलाहाबाद डिग्री कॉलेज से कानून की पढाई करने वाला दिलीप अपने तीन साथियों के साथ कर्नलगंज इलाके के कालिका होटल में खाना खाने आया था। लेकिन मामूली सी कहासुनी उसकी जान पर भारी पड़ गई। कुछ लोगों ने दिलीप पर सरेआम लोहे की रॉड और ईंट से एक के बाद एक कई हमले किए जिससे उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने इस हत्याकांड में होटल के वेटर मुन्ना सिंह, मुख्य आरोपी विजय शंकर सिंह के ड्राईवर रामदीन मौर्या समेत तीसरे आरोपी ज्ञान प्रकाश अवस्थी को गिरफ्तार कर चुकी थी। जबकि मुख्य आरोपी विजय शंकर फरार चल रहा था। वहीं वारदात में इस्तेमाल फॉर्चुनर कार भी बरामद कर ली गई है। वहीं टीटीई विजय शंकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने टीटीई विजय की करतूत और फरारी से संबंधित पत्र वाराणसी मंडल के डीआरएम को भेजा। इस पर वाराणसी मंडल के डीआरएम ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होगी।

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