जहां देशभर में बहनें रक्षा बंधन के त्यौहार के लिए तैयारियों में लगी है। वहीं एक बहन अपने भाई को इंसाफ दिलाने के लिए 600 किलोमीटर की पद यात्रा कर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ की गुहार लगाने पहुंची हैं। दरअसल गाज़ियाबाद के खिनौरा गांव के रहने वाले प्रवीण त्यागी को गांव के ही कुछ दबंगो ने मौत के घाट उतार दिया था।

उनकी बहन अरूणा का कहना है कि गांव के कुछ दबंगो ने गांव के बाहर उनके भाई की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्यारों ने प्रवीण की हत्या इतनी बेहरमी से की थी कि उसका चेहरा भी नहीं पहचाना जा सका। इस घटना के बाद से ही अरुणा अपने भाई के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए भटक रही है। अरुणा का कहना है कि पुलिस और प्रशासन उसकी कोई मदद नहीं कर रहा है, बल्कि उन्हें दबंगो के डर से डरा रहे है।

अरुणा का कहना है कि ”मेरे भाई के कातिल को सजा मिलनी चाहिए। किसी निर्दोष को सजा न मिले। जिस तरह से मैं ठोकर खा रही हूं, वैसे कोई और गरीब ठोकरें न खाए।” अरुणा का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी के पास उन्हें जरूर इंसाफ मिलेगा।

इंसाफ की आस में इतना लंबा सफर तय कर रही अरुणा ने कहा, “रामराज्य में कोई दुखी नहीं था, तो योगी जी के राज्य में भी कोई दुखी नहीं रहेगा। जब योगी जी को इस बात का पता चलेगा तो कोई भी दुखी नहीं रहेगा।” भाई के हत्यारों को सज़ा दिलाने के लिए हाथ में बैनर लिए पद यात्रा पर निकली अरुणा लगभग 300 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी हैं। गाज़ियाबाद से बरेली और बरेली से लखनऊ तक का सफर काफी लम्बा है पर अरुणा के हौसले उस दूरी से काफी बुलंद हैं।