BREAKING NEWS

भारत-सियेरा लियोन के बीच छह समझौतों पर हस्ताक्षर◾प्रदूषण को लेकर केजरीवाल सरकार के खिलाफ मनोज तिवारी ने बांटे ‘मास्क’◾अखिलेश ने कहा भाजपा कर रही है बदनाम, सरकार ने कहा 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे''◾फडणवीस ने ‘नटरंग’ का जिक्र करते हुए पवार पर साधा निशाना◾UP : अयोध्या फिर छावनी में तब्दील, लगाई गई धारा 144, ये है वजह !◾वंदे भारत एक्सप्रेस में आई तकनीकी खामी, एसी और पंखे के बिना करीब एक घंटे तक रहे यात्री ◾Instagram पर PM मोदी के हैं तीन करोड़ से अधिक फॉलोवर ◾फडणवीस ने ‘नटरंग’ का जिक्र करते हुए पवार पर साधा निशाना◾महाराष्ट्र के लोगों को कश्मीर की है फिक्र : रविशंकर प्रसाद ◾राजनाथ के फ्रांस दौरे पर राहुल ने कहा : भाजपा नेताओं को राफेल सौदे का हो रहा अपराधबोध ◾पाकिस्तान ने बारामूला में किया संघर्षविराम का उल्लंघन, एक जवान शहीद ◾चीन को पीछे छोड़ भारत की जनसंख्या हुई 150 करोड़ : गिरिराज ◾PM मोदी ने जम्मू-कश्मीर को बनाया भारत का अभिन्न अंग : शाह◾एशियाई संसदीय सभा की बैठक में कश्मीर मुद्दा उठाने पर थरूर ने पाकिस्तान की निंदा की ◾पश्चिम बंगाल भाजपा 15 अक्टूबर से गांधी संकल्प यात्रा निकालेगी ◾महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना सरकार की योजनाएं जनकल्याण के लिए : योगी ◾मैसेज की राजनीति की आड़ में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं PM मोदी : अशोक गहलोत ◾रविशंकर प्रसाद ने फिल्म की कमाई से जोड़ने वाला बयान वापस लिया ◾TOP 20 NEWS 13 October : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾महाराष्ट्र : लातूर में बोले राहुल-मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रही है मोदी सरकार ◾

उत्तर प्रदेश

अयोध्या मामला : हिंदू निकाय ने न्यायालय से कहा: 12 वीं सदी में मंदिर के अस्तित्व का उल्लेख

पुरातात्विक साक्ष्य को ‘भरोसेमंद’ और ‘वैज्ञानिक’ बताते हुए ‘राम लला विराजमान’ के वकील ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि ये अयोध्या में विवादित स्थल पर 12 वीं सदी के मध्य में ‘विष्णु हरि’ मंदिर के अस्तित्व का उल्लेख करते हैं, जहां बाबरी मस्जिद का निर्माण या तो उसके ध्वंसावशेष पर किया गया या मंदिर को तोड़ने के बाद किया गया। 

राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुनवाई के आठवें दिन ‘राम लला’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी एस वैद्यनाथन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ से कहा कि 2.77 एकड़ के विवादित स्थल पर विशाल ‘गैर इस्लामिक’ ढांचा था, जो अनंतकाल से भगवान राम की जन्मस्थली के तौर पर हिंदुओं के लिये पूजनीय है। 

उन्होंने छह दिसंबर 1992 को विवादित स्थल पर ढांचा गिराए जाने के दौरान चार गुणा दो फुट आकार का पत्थर का पुराना स्लैब बरामद किये जाने का उल्लेख किया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट और विशेषज्ञों और एक प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार की गवाही को पढ़ा ताकि इस निष्कर्ष को उजागर किया जा सके कि वहां विशाल मंदिर था। 

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘‘एएसआई न सिर्फ भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुराने स्थलों और स्मारकों की खुदाई, शोध और संरक्षण के अपने काम के संबंध में बेहद प्रतिष्ठित निकाय है---एएसआई पर विश्वास नहीं करने का कोई कारण नहीं है।’’ 

पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं।