बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को कहा कि जनता की नजर में भाजपा जनहित, जनकल्याण व देशहित आदि के विरुद्ध एक जनविरोधी निरंकुश पार्टी व सरकार बनकर उभरी है। इसलिए उसे सत्ता से दूर रखना अब जरूरी हो गया है।

पार्टी की अखिल भारतीय बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि कर्नाटक में गठबंधन के अच्छे परिणाम निकले हैं तथा हरियाणा में भी बसपा-इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) गठबंधन तेजी से अपनी राजनीतिक पैठ बना रहा है, जिससे भाजपा काफी ज्यादा परेशान है।

उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा व लोकसभा आमचुनावों के बारे में बसपा को भाजपा के खिलाफ अपनी कारगर रणनीति बनानी है। इस संबंध में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बीएसपी मूवमेंट के भविष्य के साथ-साथ देश के व्यापक राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले करेगा और जब मामला परिपक्व होगा, तो उसकी सार्वजनिक घोषणा अवश्य भी की जाएगी।

बसपा प्रमुख ने कहा कि चुनावी गठबंधन या समझौता के संबंध में सर्वाधिकार पार्टी हाईकमान के पास सुरक्षित है, जिसका सम्मान आवश्यक है। मायावती ने बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व नेशनल कोर्डिनेटर जयप्रकाश सिंह को पार्टी से निकालने की घोषणा भी की है। जयप्रकाश ने राहुल गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी और उन्हें विदेशी बता था।