लखनऊ : बीजेपी सरकार पर अक्सर हमला करने वाले ओमप्रकाश राजभर ने अब शहरों का नाम बदलने को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। शनिवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार पिछड़ों का ध्यान भटकाने के लिए शहरों का नाम बदलने का ड्रामा कर रही है। उन्होंने कहा है, ‘भाजपा ने मुगलसराय और फैजाबाद का बदल दिया। वो कहते हैं कि ये नाम मुगलों के नाम पर रखे गए थे। मगर उनके राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, यूपी कैबिनेट मिनिस्टर मोहसिन रजा, ये भाजपा के तीन मुस्लिम चेहरे हैं, पहले उनके नाम बदला जाए।’ राजभर ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि जब भी वो पिछड़े और उत्पीड़ित लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तब ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दे उठाए जाते हैं।

मुसलमानों जो चीजें दी हैं वो और किसी ने नहीं दी है। क्या हमें जीटी रोड को उखाड़ फेंकना चाहिए। राजभर ने कहा कि ‘ताज महल किसने बनवाया? लालकिला किसने बनवाया?’ बता दें कि सीएम योगी ने पिछले दिनों फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या करने का ऐलान करने किया था। इसके पहले उन्होंने इलाहाबाद जिले का नाम बदलकर प्रयागराज करने की घोषणा की थी। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं जब ओम प्रकाश राजभर ने अपनी सरकार पर हल्ला बोला हो। इससे पहले उन्होंने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनकी लड़ाई सीधे मुख्यमंत्री से है और इसका फैसला सिर्फ अमित शाह ही करेंगे।

पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राजभर ने रसड़ा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में ‘रामायण’ का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “लव और कुश की राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न से लड़ाई सिद्धांत को लेकर हुई थी। महर्षि वाल्मीकि ने हस्तक्षेप कर उनके बीच युद्ध को रोका था। हमारी लड़ाई मुख्यमंत्री से है, बीच में आकर फैसला अमित शाह कराएंगे।” राजभर ने बाद में हालांकि अपने बयान पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा था कि वह सरकार के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं, बल्कि उसे जनता की भावनाओं को लेकर आईना दिखा रहे हैं।