लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने से चंद समय पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार को सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को विभिन्न निगम एवं परिषद में छह पद देकर मनाने का प्रयास किया हालांकि सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि गठबंधन में बने रहने का फैसला सीटों के बंटवारे के बाद लिया जायेगा।

राजभर ने कहा कि निगम एवं परिषद में जिम्मेदारी देकर भाजपा ने गठबंधन धर्म का पालन किया है अब यह देखना है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में खासा दखल रखने वाली उनकी पार्टी को सीटों में कितनी हिस्सेदारी दी जायेगी। यह निर्णय भाजपा आलाकमान अथवा उनके प्रभारियों को लेना है।

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उन्होने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत राज्य की सभी 80 सीटों पर उनकी पार्टी समीकरणों को प्रभावित करने का माद्दा रखती है। सबको पता है कि सरकार भाजपा को बनानी है और हमारी भूमिका सहयोगी की रहेगी। सरकार में रह कर भी उन्होने कभी दल के सिद्धांतों के साथ से समझौता नहीं किया।

इससे पहले राज्य की योगी सरकार ने सुभासपा के अरविंद राजभर उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम और राणा अजीत प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम का अध्यक्ष नामित किया। इसके अलावा सुदामा राजभर को उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद, सुनील अर्कवंशी को उत्तर प्रदेश राज्य एकीकरण परिषद, महेश प्रजापति को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं विकास निगम औरे राधिका पटेल को उत्तर प्रदेश राज्य एकीकरण परिषद का सदस्य बनाया है।