बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को पूर्व विधायक मुकुल उपाध्याय को पार्टी-विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाकर बीएसपी से बाहर कर दिया। पार्टी से निकाले जाने पर मुकुल ने माया पर 2019 लोकसभा चुनाव के लिए टिकट देने के बदले 5 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाया है। बोले, पैसे नहीं दिए तो पार्टी से निकाल दिया। उन्होंने सगे बड़े भाई व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को निष्कासन का साजिशकर्ता करार देते हुए कहा कि भाई उनकी हत्या भी करा सकते हैैं। जल्द इनका काला चिट्ठा खोलेंगे।

पश्चिमी उप्र के बड़े सियासी घराने में पड़ी फूट से विरोधी भी सकते में हैैं। रामवीर छह भाई हैैं, जिनमें चार सियासत में हैैं, दो सरकारी नौकरी में। इनमें चौथे नंबर के भाई मुकल उपाध्याय ने पत्रकारों से कहा कि भाई रामवीर अपनी पत्नी सीमा उपाध्याय को अलीगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहते हैैं। ये दोनों छह नवंबर को बसपा अध्यक्ष से मिले और उनके कान भर आए। जबकि, विधानसभा चुनाव के बाद बहनजी ने उन्हें अलीगढ़ से तैयारी को कहा था। कुछ समय बाद पार्टी कोआॢडनेटरों ने कहा कि बहनजी ने टिकट के लिए पांच करोड़ रुपये जमा कराने को कहा है। मुकुल ने कहा कि ये बात जब उन्होंने भाई रामवीर को बताई तो वह भड़क गए। कहने लगे, यहां से भाभी सीमा को लड़ाएंगे।

भाजपा में जाने की तैयारी के सवाल पर बोले, जाना होता तो पहले ही बसपा छोड़ देते। बसपा के आगरा-अलीगढ़ मंडल के मुख्य जोन इंचार्ज व एमएलसी सुनील चित्तौड़ ने कहा कि मुकुल भाजपा में जाने की तैयारी में थे, इसलिए पार्टी से निकाल दिया। पांच करोड़ मांगने का कोई प्रमाण है तो सामने लाएं। अनर्गल बयानबाजी का कोई तुक नहीं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कहा कि सीमा फतेहपुर सीकरी से सांसद रही हैैं, वहीं से चुनाव लड़ेंगी। अलीगढ़ से टिकट नहीं मांगा। बोले, मुकुल को बेटे से बढ़कर समझा। पढ़ाया- लिखाया। विधायक, एमएलसी बनवाया। आज हत्या कराने जैसे आरोप सुनकर बेहद आहत हूं।