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उत्तर प्रदेश

परिवारवाद को लेकर मायावती के खिलाफ मुखर विरोध के स्वर!

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कार्यकर्ताओं ने बुधवार को परिवारवाद का विरोध जताते हुए पार्टी कार्यालय के सामने सांकेतिक प्रदर्शन किया। बसपा के प्रदेश मुख्यालय 12 माल एवन्यू के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता अपने हाथों में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का चित्र और तख्तियां लिए हुए थे जिनमें बसपा जिंदाबाद और परिवारवाद मुर्दाबाद के नारे लिखे थे। 

कार्यकर्ताओं का कहना था कि बसपा अध्यक्ष ने अपने भाई आनंद और भतीजे आकाश आनंद को केन्द्रीय कार्यकारिणी में नियुक्त कर पार्टी को परिवारवाद की पराकाष्ठा पर पहुंचा दिया है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास और समर्पण पर कुठराघात हुआ है।

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उन्होने कहा कि बसपा की स्थापना लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ समता मूलक समाज की स्थापना के लिये की गई थी। कांशीराम ने बहुजन विचारधारा के साथ पार्टी को आगे बढाया और अपने परिवार के किसी भी सदस्य को केन्द्रीय कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया। 

वर्ष 2009 के बाद मायावती ने हालांकि परिवारवाद में मनमाने निर्णय थोपे। उन्होने कहा कि बसपा अध्यक्ष अपना मनमाना फैसला वापस नहीं लेती है तो पूरे प्रदेश में इस तरह के सांकेतिक प्रदर्शन किये जायेंगे।