लखनऊ : प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि लाइन लॉस और बिजली चोरी विभाग के लिये कैंसर जैसा है और इसका कीमोथेरेपी जैसा इलाज करें। राम नाईक ने रविवार को यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन द्वारा विद्युत व्यवस्था सुधार के लिए आयोजित संगोष्ठी ‘पॉवर फॉर आल’ का उद्घाटन किया।

इस अवसर राम नाईक ने कहा कि बिजली चोरी करने वालों से सख्ती से निपटने की जरुरत है। लाइन लॉस और बिजली चोरी विभाग के लिये कैंसर जैसा है, इसका कीमोथेरेपी जैसा इलाज करें। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था में जूनियर इंजीनियर्स सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश बदल रहा है और इसे अपने योगदान से सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का प्रयास करें।

विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी चुनौती को दायित्व के रूप में स्वीकार करके अपनी योग्यता का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि जीवन में निरन्तर चलते रहने में ही सफलता का मर्म निहित है। नाईक ने कहा कि बड़ा कार्य करने का ही जीवन में आनन्द है। उत्तर प्रदेश के हर घर में बिजली पहुंचाना एक बड़ा काम है।

उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग भवन का शिलान्यास उनके द्वारा 29 सितम्बर 2014 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति में हुआ था तथा भवन का उद्घाटन 17 मई 2018 को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु द्वारा किया गया था। नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़े राज्य है लेकिन अन्य प्रदेशों की तुलना में जितना औद्योगिक विकास होना चाहिए था अब तक उतना नहीं हो पाया है। उसके दो कारण हो सकते हैं कानून व्यवस्था और अबाधित विद्युत व्यवस्था की कमी।

गत वर्ष फरवरी माह में आयोजित इंवेस्टर्स समिट में रुपये 4.28 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये तथा 1,045 एमओयू हस्ताक्षरित हुये। इंवेस्टर्स समिट से यह संदेश गया कि कानून व्यवस्था एवं विद्युत आपूर्ति की स्थिति अब संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में चल रहे कुम्भ की व्यवस्था की चर्चा पूरे विश्व में है और कुम्भ का बिजली प्रबंधन सराहनीय है। इस मौके पर प्रबंध निदेशक श्रीमती अर्पणा यू ने विभाग की उपलब्धियों की चर्चा करते हुये कहा कि चुनौतियों को स्वीकार करते हुये ऊर्जा क्षेत्र में अनेक सुधार किये गये हैं।

नये सब स्टेशन निर्माण के साथ-साथ स्थापित विद्युत स्टेशनों की क्षमता में भी वृद्धि की गयी है। ग्रामीण क्षेत्र में ऊर्जा खपत 17 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत हो गयी है। शासन स्तर पर नई भर्ती एवं पदों को बढ़ने के लिये कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति गंभीरता से विचार कर रही है।

इस अवसर पर राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजिनियर संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष आरके त्रिवेदी, महासचिव वरिन्दर कुमार शर्मा, निदेशक पावर कारपोरेशन एसपी पाण्डेय, संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे। राज्यपाल ने कार्यक्रम में संगठन की स्मारिका और एक सुधार पत्रिका का विमोचन भी किया। संगोष्ठी में संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।