लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित वर्ष 2019 की हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के सम्बन्ध में योजना भवन में उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समीक्षा बैठक में डा. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों, संयुक्त शिक्षा निदेशक एवं जिला विद्यालय निरीक्षकों को नकल विहीन बोर्ड परीक्षा-2019 सम्पन्न कराने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने जिन जिलों में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में शिथिलता बरती गयी उनसे सम्बन्धित अधिकारियों को फटकार भी लगायी और निश्चित समयावधि में उन्हें पूरे करने के सख्त निर्देश दिये। ऐसा न होने पर सख्त कार्यवाही किये जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि परीक्षा केन्द्र निर्धारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

यदि ऐसा पाया गया तो सख्त कदम उठाया जायेगा। साथ ही इस अवसर पर डा. शर्मा ने अच्छा काम करने वाले अधिकारियों की सराहना भी की। उन्होंने डीआईओएस एवं अन्य अधिकारियों के प्रमोशन से सम्बन्धित लम्बित प्रकरण के शीघ्र निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

डा. शर्मा ने कहा कि हमारा मन्तव्य नकल विहीन परीक्षा कराकर शिक्षा की गुणवत्ता में आमूल चूल सुधार लाना है। उन्होंने बोर्ड परीक्षा 2018 की कापियों के मूल्यांकन से सम्बन्धित समस्त लम्बित भुगतान जल्द से जल्द करने तथा आगामी बोर्ड परीक्षा-2019 की परीक्षा कापियों की मूल्यांकन के समस्त भुगतान कॉपी मूल्यांकन के एक माह के भीतर किये जाने के निर्देश दिये।

डा. शर्मा ने आगामी वर्ष से स्कूलों की मान्यता की प्रक्रिया 03 माह (01 जुलाई से 30 सितम्बर) में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये।मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, उप शिक्षा निदेशकों, डीआईओएस कार्यालयों में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं की पूर्ति के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे तीन दिनों के भीतर प्रस्ताव बनाकर नोडल अधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक शिविर कार्यालय भगवती सिंह के माध्यम से शासन को अवगत करायें।

डा. शर्मा ने निर्देश दिये कि ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया जाय, जो विगत 3 वर्षों से बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुए हैं अथवा काली सूची में दर्ज हैं। परीक्षा केन्द्र एवं परीक्षा कक्ष की निर्धारित धारण क्षमता के अनुसार ही परीक्षार्थियों की संख्या आवंटित की जाये। एक प्रबंधतंत्र अथवा सोसाइटी द्वारा संचालित कई विद्यालय होने की दशा में उनके विद्यार्थियों को पारस्परिक केन्द्र आवंटित नहीं किया जाय तथा उनके कक्ष निरीक्षक भी पारस्परिक आवंटित नहीं किए जाये।

जिन अशासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया जाय, उनमें प्रवेश द्वार सहित प्रत्येक कक्ष में वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा एवं रिकार्डिंग हेतु डीवीआर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र जीपीएस से लिंक हो।