BREAKING NEWS

डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाई : CM केजरीवाल◾शिया वक्फ बोर्ड ने तबलीगी जमात पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- 1 लाख से ज्यादा लोग मारने की बनाई थी योजना◾कोरोना वायरस : स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- देश में आवश्यक उपकरणों का स्टॉक मौजूद, PPE और वेंटिलेटर की खरीद शुरु◾देश में कोरोना फैलने के लिए अनिल देशमुख ने दिल्ली पुलिस को ठहराया जिम्मेदार◾कोरोना संकट से जारी जंग में मदद के तौर पर केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए आपात पैकेज की दी मंजूरी◾महाराष्ट्र कैबिनेट ने उद्धव ठाकरे को MLC बनाने का लिया निर्णय, राज्यपाल को भेजेंगे प्रस्ताव ◾कोरोना संकट : ओडिशा सरकार ने 30 अप्रैल तक बढ़ाई लॉकडाउन की अवधि, केंद्र से किया ये अनुरोध◾गुजरात में कोरोना के 55 नए मरीज, अकेले अहमदाबाद के 50 लोग हुए संक्रमित◾PM मोदी ने किया ट्रम्प का समर्थन, कहा- मुश्किल वक्त ही दोस्तों को लाती है करीब◾जमात प्रमुख मौलाना साद के ठिकाने का हुआ खुलासा, पुलिस फिलहाल नहीं करेगी पूछताछ ◾झारखंड में कोरोना वायरस से 1 की मौत, मरीजों की संख्या एक दिन में तिगुनी हुई ◾Coronavirus : अमेरिका में मरने वालों की संख्या 14000 के पार, 11 भारतीयों के मौत की पुष्टि◾चीन में कोविड-19 के 63 नए मामलें सामने आए, अबतक करीब 3,335 लोगों की हुई मौत ◾पूरे विश्व कोरोना वायरस का कहर जारी, अब तक वायरस से संक्रमितों की संख्या 15 लाख से अधिक हुई ◾कोविड-19 : देश में 5,734 संक्रमित मामलों की पुष्टि वहीं 166 लोगों की अब तक मौत◾Covid-19 : दवा मिलने पर भारत के फैसले से डोनाल्ड ट्रम्प के सुर बदले नजर आए, कहा- थैंक्यू PM मोदी ◾कोरोना संकट : सरकार ने 20 करोड़ महिलाओं के जनधन खातों में पांच-पांच सौ रूपये की सहायता राशि डाली ◾देश में कोरोना का कहर जारी, वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या पांच हजार के पार,140 से ज्यादा लोगों की मौत◾जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों के खिलाफ होगा मामला दर्ज, दिया हुआ समय-सीमा समाप्त : अनिल विज ◾Covid 19 : लखनऊ समेत 15 जिलों में चुनिंदा इलाकों को किया जायेगा सील◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaLast Update :

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

चिन्मयानंद केस: SC ने पीड़ित छात्रा और उसके भाई को दूसरे लॉ कालेज में स्थानांतरित किए जाने का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को शाहजहांपुर की एलएलएम की छात्रा और उसके भाई को बरेली विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी अन्य लॉ कालेज में स्थानांतरित करने का आदेश देते हुये कहा, "हमारे लिये उनका भविष्य महत्वपूर्ण है।" इस छात्रा ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न के आरोप लगाये थे। 

न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को उप्र सरकार ने बताया कि शीर्ष अदालत के पहले के आदेश पर अमल करते हुये इस छात्रा और उसके भाई को छात्रावास की सुविधा वाले किसी अन्य कालेज में स्थानांतरित करने के सारे बंदोबस्त कर दिये गये हैं। 

पीठ ने बार काउन्सिल आफ इंडिया से कहा कि उन कालेजों में सीटें बढ़ाई जाये जिनमें इस छात्रा और उसके भाई को एलएलएम और एलएलबी के पाठ्यक्रमों में स्थानांतरित किया जायेगा। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही स्वत: संज्ञान ली गयी याचिका का निबटारा कर दिया। न्यायालय ने पिछले सप्ताह कानून की इस छात्रा के लापता होने की घटना का स्वत: ही संज्ञान लिया था।

न्यायालय ने कहा कि छात्रा और उसके माता-पिता दिल्ली पुलिस के साथ अपने घर शाहजहांपुर जाने के लिये स्वतंत्र हैं। पीठ ने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा सहित किसी अन्य निर्देश की आगे आवश्यकता होती है तो इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष इसका उल्लेख किया जा सकता है। 

चिन्मयानंद के खिलाफ सबूत सुरक्षित : पीड़िता के पिता

पुलिस ने इस मामले में छात्रा का एक वीडियो क्लिप सामने आने पर पूर्व मंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ प्राथिमकी दर्ज करके जांच शुरू की थी। पुलिस को यह छात्रा बाद में राजस्थान में मिली थी। पुलिस शुक्रवार को जब उसे लेकर शाहजहांपुर जा रही थी तो फतेहपुर सीकरी में उसे इस छात्रा को लेकर उसी दिन उच्चतम न्यायालय पहुंचने का निर्देश मिला था। 

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने पिछले शुक्रवार को अपने चैंबर में इस छात्रा से बातचीत की थी। छात्रा ने न्यायाधीशों से कहा था कि वह शाहजहांपुर में चिन्मयानंद के आश्रम द्वारा संचालित कालेज में आगे पढ़ाई नहीं करना चाहती। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को शाहजहांपुर की एलएलएम की छात्रा और उनके भाई को बरेली विश्वविद्यालय से संबद्ध किसी अन्य लॉ कालेज में स्थानांतरित करने का आदेश देते हुये कहा, "हमारे लिये उनका भविष्य महत्वपूर्ण है।"

इस छात्रा ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न के आरोप लगाये थे। न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को उप्र सरकार ने बताया कि शीर्ष अदालत के पहले के आदेश पर अमल करते हुये इस छात्रा और उसके भाई को छात्रावास की सुविधा वाले किसी अन्य कालेज में स्थानांतरित करने के सारे बंदोबस्त कर दिये गये हैं। 

पीठ ने बार काउन्सिल आफ इंडिया से कहा कि उन कालेजों में सीटें बढ़ाई जाये जिनमें इस छात्रा और उसके भाई को एलएलएम और एलएलबी के पाठ्यक्रमों में स्थानांतरित किया जायेगा। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही स्वत: संज्ञान ली गयी याचिका का निबटारा कर दिया। न्यायालय ने पिछले सप्ताह कानून की इस छात्रा के लापता होने की घटना का स्वत: ही संज्ञान लिया था। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह छात्रा और उसके माता पिता दिल्ली पुलिस के साथ अपने घर शाहजहांपुर जाने के लिये स्वतंत्र हैं। पीठ ने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा सहित किसी अन्य निर्देश की आगे आवश्यकता होती है तो इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष इसका उल्लेख किया जा सकता है। पुलिस ने इस मामले में छात्रा का एक वीडियो क्लिप सामने आने पर पूर्व मंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ प्राथिमकी दर्ज करके जांच शुरू की थी। पुलिस को यह छात्रा बाद में राजस्थान में मिली थी। 

पुलिस शुक्रवार को जब उसे लेकर शाहजहांपुर जा रही थी तो फतेहपुर सीकरी में उसे इस छात्रा को लेकर उसी दिन उच्चतम न्यायालय पहुंचने का निर्देश मिला था। शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों ने पिछले शुक्रवार को अपने चैंबर में इस छात्रा से बातचीत की थी। छात्रा ने न्यायाधीशों से कहा था कि वह शाहजहांपुर में चिन्मयानंद के आश्रम द्वारा संचालित कालेज में आगे पढ़ाई नहीं करना चाहती। 

न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि इस परिवार को सुरक्षा प्रदान करे और छात्रा तथा उसके भाई को उप्र में ही बरेली के किसी अन्य कालेज में दाखिला दिलाने की संभावना तलाशे। शीर्ष अदालत ने सोमवार को उप्र सरकार को आईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित करने का निर्देश दिया था जो इस छात्रा के आरोपों के साथ ही दो अन्य संबंधित प्राथमिकियों की भी जांच करेगी। 

न्यायालय ने कहा था कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय इस मामले की जांच की निगरानी करेगा। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया था कि इस मामले में एक दूसरे के खिलाफ दायर दो प्राथमिकियों की जांच की निगरानी के लिये विशेष पीठ का गठन किया जाये। पहली प्राथमिकी कानून की छात्रा के पिता ने और दूसरी प्राथमिकी उस संस्थान ने दायर की है जहां वह पढ़ रही थी। 

न्यायाधीशों ने कहा था कि इस छात्रा की अपने संस्थान को लेकर कुछ शिकायतें हैं और उसके माता-पिता भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। न्यायालय ने राज्य सरकार को इस परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और छात्रा तथा उसके भाई को उप्र में ही बरेली के किसी अन्य कालेज में दाखिला दिलाने की संभावना तलाशने का भी निर्देश दिया था।