उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनावश्यक आवागमन को रोकने तथा मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए लोगों को जागरूक किए जाने पर बल देते हुए कहा है कि अगर सार्वजनिक स्थानों पर कोई व्यक्ति बिना मास्क लगाए मिले तो उस पर जुर्माना राशि में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों को अवगत कराया जाए कि घर से बाहर अत्यन्त आवश्यक होने पर ही निकलें। जनता को ‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी’ को अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सार्वजनिक स्थान पर कोई बगैर मास्क लगाए मिले तो उस पर जुर्माना राशि में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अब तक 33,000 से अधिक कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना पर संतोष व्यक्त करते हुए इसके सुचारु संचालन पर बल दिया। उन्होंने बाल संरक्षण गृह, महिला संरक्षण गृह तथा वृद्धाश्रम के निवासियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर संक्रमण की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संक्रमित मिले तो उसके उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि प्रदेश में जनपद स्तर पर एम्बुलेंस की अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करे। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि रैपिड एन्टीजन टेस्ट के अतिरिक्त ‘आरटीपीसीआर’ से 30,000 टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं। उन्होंने कोविड अस्पतालों में भर्ती रोगियों के परिजनों से नियमित संवाद कर उन्हें रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए स्वच्छता व सैनिटाइजेशन को व्यवस्था का अंग बनाना होगा। कोविड-19 के संक्रमण सहित संचारी रोगों से बचाव के लिए ऐसा करना आवश्यक है। उन्होंने जनपदों में तैनात नोडल अधिकारियों को स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल के सम्बन्ध में मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए समय से एलर्ट जारी करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए समाचार चैनलों तथा एफएम रेडियो चैनलों का आवश्यकतानुसार उपयोग किया जाए। यदि आकाशीय बिजली के सम्बन्ध में 24 घण्टे पूर्व जानकारी मिल सके तो समाचार पत्रों के माध्यम से भी एलर्ट का प्रचार-प्रसार किए जाएं। उन्होंने इस सम्बन्ध में ग्राम पंचायत स्तर पर घोषणा किए जाने की भी बात कही।


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