केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में धूल चटाने के इरादे से विपक्षी दलों की लामबंदी की कोशिशों के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सिराज मेंहदी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को चुनाव मैदान में उतारने की और प्रदेश की सभी 80 सीटों पर प्रत्याशी खडा करने की मांग की है।

पूर्व एमएलसी हाजी सिराज मेहंदी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर मांग की है कि कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़े और प्रियंका गांधी वाड्रा को सुल्तानपुर अथवा उनके परनाना पंडित जवाहर लाल नेहरू की सीट फूलपुर से चुनाव लड़ाया जाये। कांग्रेसी नेता का दावा है कि प्रियंका के चुनाव लड़ने से उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में कांग्रेस को फायदा पहुंचेगा।

मेंहदी ने पत्र में लिखा है कि ‘यह आवाज सिर्फ मेरी नहीं बल्कि देश एवं प्रदेश के लाखों-करोड़ कांग्रेस जनों की है। अगर आप द्वारा यह निर्णय लिया गया तब यकीनन राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने से भाजपा रोक नहीं पाएगी और कांग्रेस पार्टी देश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।’ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष ने अपील किया कि सोनिया गांधी स्वयं रायबरेली से चुनाव लड़े। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस को प्रदेश में बढत लेने से कोई नही रोक सकता।

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उन्होंने कहा ‘मेरा इस पत्र के माध्यम से मुझे ऐसा लगता है कि प्रदेश में लाखों कांग्रेस जन सहमत होंगे आप चाहे तो जिलेवार रायशुमारी भी करा ले। सच्चाई छुपाई नहीं जा सकती।’ मेंहदी ने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने एक टीवी प्रोग्राम में कहा है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस है कहां सपा बसपा और अजीत सिंह मिलकर चुनाव लड़ेंगे जो सीटें बचेंगी वह कांग्रेस की गरज हो तो ले ले और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस राष्ट्रीय दल है कहां, तथा यह भी कहा कि क्या उत्तर प्रदेश में कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है या एक बड़ा सवाल है। उनके इस बयान से कांग्रेस जनों को बहुत बड़ा आघात पहुंचा है।

उन्होने कांग्रेस संरक्षक सोनिया गांधी का ध्यान उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति की तरफ दिलाते हुए कहा कि यह प्रदेश आपका कई पीढ़ियों से है और आप इस प्रदेश से बहुत बखूबी वाकिफ भी हैं, लेकिन इधर जो 2019 के लोकसभा के चुनाव का परिदृश्य अजीबोगरीब हैं, चुनाव निकट आता जा रहा है और कांग्रेस उत्तर प्रदेश में खामोश है। इसकी वजह यह है कि यहां रोज यह खबर चलती है कि प्रदेश अध्यक्ष हटाए जा रहे हैं जबकि राजबब्बर जी अपनी पूरी ताकत लगाए हुए हैं।

इस खबर पर एआईसीसी को खुलासा करना चाहिए, दूसरी खबर यह भी हवा में रहती है कि जिले में कांग्रेस में बदलाव किया जा रहा है और कुछ हो नहीं रहा है। इससे जिलों की कांग्रेस भी ऊहापोह की स्थिति में है। इस पर भी आल इंडिया कांग्रेस को कुछ करना चाहिए जबकि दूसरे दल चुनाव की तैयारी में हैं और कांग्रेस इसी में अपना समय व्यर्थ कर रहे हैं। इसको आप गंभीरता से लेने की कृपा करें और सरपरस्त होने के नाते अपने राज्य को बचा लें।

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