कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को वर्ष 2015 में अखिलेश यादव की सपा सरकार के दौरान लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान बवाल को लेकर दाखिल मुकदमे में एमपी-एमएलए की विशेष अदालत से अंतरिम जमानत मिल गयी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र ने शनिवार को बताया कि राज बब्बर विशेष अदालत में उपस्थित हुए।

अधिवक्ता ने उनकी जमानत के कागजात अदालत में प्रस्तुत किए। एमपी-एमएलए पीठासीन अधिकारी पवन कुमार तिवारी ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए अगली तारीख पांच अप्रैल मुकर्रर की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2015 में लखनऊ में गन्ना किसानों के बकाये को लेकर तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के नेतृत्व में प्रदर्शन हो रहा था।

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इस दौरान लाठीचार्ज हुआ था। इस मामले में पार्टी अध्यक्ष श्री खत्री, राज बब्बर, मधुसूदन मिस्त्री, प्रदीप माथुर और प्रदीप जैन आदि के खिलाफ हजरतगंज थाने में मामला दर्ज हुआ था। मिश्र ने बताया कि इसी सिलसिले में श्री बब्बर को विशेष अदालत से अंतरिम जमानत मंजूर मिली है।