मेरठ: अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की 25वीं बरसी पर मेरठ के कई इलाकों में जगह-जगह विवादित पोस्टर देखे गए। इनमें विवादित ढांचे को लेकर तीन से चार लाइन लिखी हैं। इनमें लिखा है-कहीं हम भूल न जाएं, धोखे के 25 साल। ये पोस्टर ज्यादातर मुस्लिम इलाकों में लगाए गए। पुलिस ने खुद ही मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया था। बता दें कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इस पर अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी।

पोस्टर के सबसे नीचे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया लिखा है। इसका पता जी-78, सेकंड फ्लोर, शाहीन बाग, कालिंदी कुंज रोड नई दिल्ली लिखा है। ये संगठन अब तक साउथ इंडिया में एक्टिव था। अब यह संगठन उत्तर भारत में फैलने लगा है। इस संगठन ने अपना हेडक्वार्टर दिल्ली शिफ्ट किया है। हालांकि, ये संगठन पिछड़े और अल्पसंख्यकों के हक के लिए लडऩे का दावा करता रहा है। फिलहाल, ये सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। मेरठ के लिसाड़ी गेट, कोतवाली, ब्रह्मपुरी जैसे इलाकों में ये पोस्टर देखे गए। ये सभी मुस्लिम बहुल इलाके हैं। मेरठ के एसएसपी मंजिल सैनी का कहना, विवादित पोस्टरों को हटवा दिया गया है और पोस्टर लगाने वालों की तलाश की जा रही है। इस तरह की धार्मिक भावनाओं को भड़काने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई दूसरी बार भी ट्रांसलेशन में अटक गई। कुल 19,590 पेज में से सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के हिस्से के 3260 पेज जमा नहीं हुए। सुनवाई टालने की मांग करते हुए बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि यह केस सिर्फ भूमि विवाद नहीं, राजनीतिक मुद्दा भी है। चुनाव पर असर डालेगा। 2019 के चुनाव के बाद ही सुनवाई करें। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को बेतुका बताते हुए कहा कि हम राजनीति नहीं, केस के तथ्य देखते हैं। फिर सिर्फ डॉक्युमेंट्स पूरे करने के लिए 8 फरवरी तक सुनवाई टाल दी।

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– रिशु अग्रवाल