BREAKING NEWS

दिल्ली के किसानों की फसल बर्बाद, मुआवजा देने के नाम पर CM का झूठ का खेल पंजाब तक चालू : दिल्ली कांग्रेस◾मुंबई : ACB ने तीसरी बार पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को किया तलब, पिछले दो समन पर नहीं हुए थे पेश ◾ केंद्र सरकार ने देश के 407 में संक्रमण दर 10 फीसदी से ज्यादा होने पर कोविड प्रतिबंध 28 फरवरी तक बढ़या◾पंजाब में सिद्धू या चन्नी में से कौन होगा मुख्यमंत्री का फेस ?राहुल गांधी ने दिया यह जवाब...◾चौधरी चरण सिंह मेरे आदर्श, जाट समुदाय भाजपा से नाराज नहीं रह सकता : राजनाथ◾ दिल्ली में कोविड-19 के 4,291 नये मामले, 34 और लोगों की महामारी से मौत◾ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर COVID19 पॉजिटिव हुए, कांटेक्ट में आए लोगों को दी एहतियात बरतने की सलाह◾यूपी चुनाव : बीजेपी अध्यक्ष नड्डा कल शाहजहांपुर में करेंगे जन संपर्क अभियान, कार्यक्रम को करेंगे संबोधित ◾दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में कोविड प्रतिबंधों में ढील, 10वीं से 12वीं तक के लिए स्कूल खोलने की अनुमति ◾भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने की मेजबानी, अफगानिस्तान को लेकर कही यह बात ◾SP ने जारी की 56 प्रत्याशियों की लिस्ट, गैर यादव OBC नेताओं पर खास ध्यान, जानें किसे कहां से मिला टिकट ◾यूपी चुनाव : आजम खान ने सीतापुर की जेल से ही भरा नामांकन, SP ने रामपुर से ही दिया टिकट◾आखिरकार टाटा के पास पहुंचा 'महाराजा' का स्वामित्व, अब एयरलाइन में बड़े बदलाव करेगा समूह◾उत्तराखंड चुनाव: कांग्रेस-BJP में जारी है रूठों को मनाने की कवायद, जानें पार्टियों में क्या हुए बदलाव? ◾1971 में मुख्यमंत्री टी एन सिंह को गोरखपुर के लोगों ने हराया था, अब फिर से इतिहास दोहराएंगे : चंद्रशेखर ◾UP में शाह ने भरी हुंकार, विपक्ष पर हुए हमलावर, कहा- माफियाओं पर कार्रवाई से अखिलेश के होता दर्द ◾अब खुले बाजार में मिलेंगी Covishield और Covaxin, पर मेडिकल स्टोर से नहीं ले सकेंगे◾अंसारी के असहिष्णुता वाले बयान पर छिड़ा राजनीतिक बवाल, BJP-VHP ने की कड़ी निंदा, जानें क्या कहा ◾पंजाब चुनाव को लेकर बीजेपी ने कैंडिडेट्स की एक और लिस्ट की जारी , जानिए किसे कहां से मिला टिकट◾अरुणचल प्रदेश से लापता लड़के की हुई 'वतन वापसी', कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर दी जानकारी ◾

'लव जिहाद' के खिलाफ एक्शन में CM योगी, बरेली में कानून के तहत पहला केस दर्ज

जबरन धर्म परिवर्तन कर विवाह यानी 'लव जिहाद' पर रोक लगाने के लिए हाल में ही जारी किए गए अध्यादेश के तहत उत्तरप्रदेश के बरेली में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। इस संबंध में शिकायत शनिवार रात को देवरानिया पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई।

देवरानिया पुलिस सर्किल के तहत आने वाले शरीफ नगर गांव के निवासी टिकाराम ने एक शिकायत दर्ज कराई कि उनके गांव का एक युवक उसकी बेटी को बहला फुसला रहा है और अब धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है। आरोपी के खिलाप विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की धारा 504/506 और 3/5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य के गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और जांच जारी है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा प्रस्तावित धर्मांतरण संबंधी बिल को शनिवार को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश के मसौदे को राज्यपाल से अनुमोदन के लिए बुधवार को राजभवन भेजा गया था। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस अध्यादेश के मसौदे को राज्यपाल के पास भेजा गया था।

योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को धर्मांतरण कानून के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बुधवार को इसको राज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया था। राज्यपाल से मंजूरी मिलते ही यह अध्यादेश के रूप में यूपी में लागू हो गया है और अब ऐसा अपराध गैर जमानती माना जाएगा।

अध्यादेश के अनुसार, किसी एक धर्म से अन्य धर्म में लड़की का धर्म परिवर्तन सिर्फ एकमात्र प्रयोजन शादी के लिए किया जाता है तो ऐसा विवाह शून्य (अमान्य) की श्रेणी में लाया जा सकेगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब इस अध्यादेश को छह माह के भीतर विधानमंडल के दोनों सदनों में पास कराना होगा। ज्ञात हो कि अध्यादेश के अनुसार एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए संबंधित पक्षों को विहित प्राधिकारी के समक्ष उद्घोषणा करनी होगी कि यह धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वेच्छा से है।

संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उन पर कहीं भी, किसी भी तरह का कोई प्रलोभन या दबाव नहीं है। अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के सभी पहलुओं पर प्रावधान तय किए गए हैं। इसके अनुसार धर्म परिवर्तन का इच्छुक होने पर संबंधित पक्षों को तय प्रारूप पर जिला मजिस्ट्रेट को दो माह पहले सूचना देनी होगी। इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में आज से महज शादी के लिए अगर लड़की का धर्म बदला गया तो ऐसी शादी अमान्य घोषित होगी। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वालों को 10 वर्ष तक जेल भी भुगतनी पड़ सकती है। गैर जमानती अपराध के मामले में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा चलेगा। दोष सिद्ध हुआ तो दोषी को कम से कम एक वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष की सजा भुगतनी होगी।

वाराणसी में पीएम मोदी का इंतजार कर रहा विशेष 'अंगवस्त्रम', CM योगी करेंगे भेंट