ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी इलाके में शुक्रवार को एक और इमारत की दीवार के ढहने से पांच लोग दब गए। इस हादसे में 2 की मौत हो गई है वहीं 3 घायल हैं। नोएडा प्रशासन पर लगातार होते इस हादसों का कोई असर नहीं दिख रहा। जिसके चलते लोगों के विरोध के बाद भी बिल्डर ने इमारतों के बीच नए निर्माण के लिए गड्ढा खोद डाला, जिससे साथ वाली 13 मंजिला इमारत की दीवार में दरार आ गई। जेपी हाइट्स नाम की एक इमारत को सील कर दिया गया, जिसके बाद ही वह इमारत एक तरफ झुक गई। जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन, अथॉरिटी के अफसर समेत स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की टीम और ऐंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद आसपास की 4 इमारतों को खाली करा दिया गया।

इन इमारतों में रहने वाले 16 परिवारों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। वहीं, उनके घरों में रखे सामान की सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई। नोएडा के सेक्टर-63ए के रेजिडेंशल एरिया में शनिवार को एक प्लॉट पर निर्माणाधीन बेसमेंट की दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 4 मजदूर घायल हो गए। घायलों को सेक्टर-63 के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। थाना फेज थ्री पुलिस ने मकान मालिक और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है।

थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया। लेकिन, सवाल उठता है कि ग्रेटर नोएडा प्रशासन को ये गड्ढा और इससे पैदा होनेवाला खतरा पहले क्यों नहीं दिखा। शाहबेरी इलाके में ही में एक और बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है। बारिश के पानी की वजह से 7 मंजिला इमारत एक ओर झुक गयी है। इसके पिलर को लोहे के सहारे टिकाया गया है।

प्रशासन ने खतरे को देखते हुए आसपास की इमारतों को खाली करवा दिया है। खतरे को देखते हुए बिल्डिंग के फ्लैट में मौजूद लोगों ने अपना-अपना कमरा खाली कर दिया है। बता दें कि झुकी हुई इस बिल्डिंग में सिर्फ एक परिवार रहता था। उस बिल्डिंग को सबसे पहले खाली करवाया गया और उसे सील कर दिया गया। हादसे की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव के लिए फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को भी तैनात कर दिया गया है। आसपास की इमारतों को भी खाली करवा दिया गया है। 17 जुलाई को ही शाहबेरी में दो इमारतें ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गईं थीं। इनमें दबकर 9 लोगों की जान चली गई।