वाराणसी : प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) के स्थापना की मांग का समर्थन करते हुए गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के डॉ. ओम शंकर के नेतृत्व में यहां चल रहे ‘काशी मांगे एम्स’ आंदोलन में शामिल होने वादा किया है। बीएचयू की चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आइएमएस) के सहायक प्रोफेसर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शंकर ने बताया कि आगामी 19 जनवरी तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह प्रवासी भारतीय सम्मेलन शुरु होने से एक दिन पहले 20 जनवरी को एम्स समर्थकों के साथ लंका स्थित विश्वविद्यालय के सिंहद्वार (मुख्य द्वार) पर आमरण अनशन शुरु करेंगे, जिसका समर्थन श्री पटेल ने भी किया है।

उन्होंने बताया कि शनिवार को यहां हार्दिक पटेल से मुलाकत में एम्स के मुद्दे पर आंदोलन तेज करने को लेकर गहन बातचीत हुई। इस दौरान उन्होंने जनहित के उनकी इस मांग का समर्थन करते हुए हार्दिक पटेल ने वादा करते हुए उनसे कहा, ‘‘जरुरत के मुताबिक वह समय-समय पर आंदोलन में शामिल भी होंगे।’’ डॉ. शंकर ने बताया कि एम्स की मांग को लेकर वह यहां की हजारों जनता के साथ कई वर्षों से आंदोलन कर रहे हैं। लगातर धरना, प्रदर्शन तथा अनशन के अलावा यहां के सांसद एवं प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखकर मांग की गई लेकिन उनकी बीएचयू से अलग एम्स बनाने की मांग पूरी नहीं हुई।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा बीएचयू को एम्स के समतुल्य बनाने का वादा एक ‘झुनझुना’ की तरह है, जिससे लोगों को बहलाया तो जा सकता है लेकिन समुचित इलाज नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि बीएचयू को एम्स के समतुल्य बनाने का काम सरकार कर रही है, लेकिन यहां बहुत से लोग संतुष्ट नहीं हैं और वे अलग एम्स बनाने की मांग लगातार कर रहे हैं। भारतीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन 21 से 23 जनवरी तक यहां आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और समापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे।

गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन की मांग को लेकर आंदोलन के बाद देशभर में सुर्खियों में आये श्री पटेल आजकल उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा करते हुए शनिवार को वाराणसी पहुंचे। यहां वह विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।