बीते 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा आतंकियों द्वारा फिदायीन हमला हुआ जिसमे CRPF के 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए है। इस हमले में शहीद होने वाले ज्यादातर जवान पंजाब और उत्तर प्रदेश के थे। इस कायराना हमले के बाद देश भर में गुस्से का माहौल है और हर तरफ से पकिस्तान का विरोध हो रहा है।

इस आतंकी हमले में शहीद होने वाले हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर भी शामिल है जो यूपी के मैनपुरी के रहने वाले थे। अन्य शहीदों की तरह जैसे ही इनके घर परिवार को शहादत की खबर मिली, पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और हर कोई गम में डूब गया है।

शहीद हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर

आपको बता दें हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर की पत्नी एक अलावा उनके तीन बच्चे है जिनके शहादत की खबर के बाद से आंसू नहीं थम रहे है। बीते रविवार को ही शहीद रामवकील माथुर छुट्टी खत्म कर वापस कश्मीर गए थे और जाते हुए कह गए थे की अगले महीने आकर वो अपना मकान बनायेंगे।

शहीद हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर

2001 में हुई थी CRPF में भर्ती
मैनपुरी जिले के दन्नाहार थाने के विनायपुरा गांव में आज शहीद रामवकील माथुर की शहादत पर हर किसी की आँखें नाम है और हर कोई चाहता है की रामवकील के साथ साथ हर शहीद को शहादत का बदला लिया जाये। 2001 में सिपाही के पद पर सीआरपीएफ (CRPF) में भर्ती होने वाले शहीद रामवकील हेड कॉन्स्टेबल पदोंन्न्त हो गए थे।

 

पुलवामा में आंतकी हमले

साल 2003 में शहीद रामवकील माथुर की शादी इटावा के अशोक नगर निवासी गीता के साथ हुई थी और जम्मू में तैनाती के बाद से ही गीता अपने बच्चों और सास के साथ इटावा में अपने मायके रह रही थी। ।

पत्नी से किया था खुद का मकान बनवाने का वादा
जम्मू वापस जाने से पहले शहीद रामवकील माथुर ने अपनी पत्नी से वादा किया था की वो इटावा में प्लाट लेकर खुद का घर बनवायेंगे और अगले महीने घर वापस आकर वो नए घर का काम शुरू करवा देंगे। पर अब वो कभी लौट कर नहीं आएंगे ।

शहीद हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर

शहीद रामवकील माथुर के तीन बच्चों में सबसे बड़े बेटे राहुल की उम्र 12 वर्ष है और वो केंद्रीय विद्यालय इटावा में कक्षा आठ का छात्र है और उससे छोटा बेटा साहुल 10 साल का है और इनका सबसे छोटा बेटा अंश अपनी माँ की गोद से हटने का नाम ही नहीं ले रहा।

शहीद हेड कॉन्स्टेबल रामवकील माथुर

अन्य शहीद जवानों की तरह शहीद रामवकील माथुर के परिवार , दोस्त और परिजन सब चाहते है की सरकार पकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्यावाही करे और ऐसा सबक सिखाये की कोई आतंकवादी हमला करते हुए 10 बार सोचे।

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