श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा है कि यदि राम मंदिर निर्माण के कार्य में ढिलाई हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

महंत दास ने रविवार को यहां अभयदाता हनुमान मंदिर जानकी घाट में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण सहयोग मंच के बैनर पर एक विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियों में केन्द, तथा प्रदेश में बहुमत की सरकार है इसलिये जहां रामलला विराजमान हैं वहां मंदिर का निर्माण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द, मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ही कार्यकाल में रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण होगा। ऐसी आशा हम सभी साधु संतों को है। उन्होंने कहा कि देश और विदेश के साधु-संतों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए अयोध्या में स्थित विवादित श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का मंदिर का निर्माण करना चाहिये। यह हिन्दू समाज के आस्था का विषय है।

न्यास के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास ने कहा कि मंदिर निर्माण के कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई हुई तो अयोध्या के संत-धर्माचार्य आंदोलन के लिये बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि सरकारें संतों से नीचे हैं। राम मंदिर निर्माण में अब बहुत ज्यादा प्रतीक्षा सहन नहीं होगी। उन्होंने न्यायालय का सम्मान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार रामजन्मभूमि के लिये पहल करे जिससे भविष्य में भी केंद्र तथा प्रदेश में भाजपा की सरकार बन सके।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मण्डलेश्वर डॉ. रामेश्वर दास वैष्णव ने कहा कि सरयू कभी अपवित्र नहीं हो सकती। सिर्फ बारह सौ किलोमीटर तक यदि सरयू मां का नाम लिया जाय तो मनुष्य पवित्र हो जाता है फिर भी कुछ लोग माता सरयू को अपवित्र बता रहे हैं। उनको पवित्र करने के लिये दुग्धाभिषेक किया जा रहा है। यह कैसी विडम्बना है।

उन्होंने कहा कि साधु संतों को राजनीतिक नहीं होना चाहिए। साधू तो राजनीति का नेतृत्व करता है। दिगम्बर अखाड़ के महंत सुरेश दास ने कहा कि रामजन्मभूमि अयोध्या में नहीं तो कहां बनेगा यह सब जानते हैं लेकिन संग्राम ही जिन्दगी है जिसके लिये लड़ना पड़गा। उन्होंने कहा कि चौदह कोसी परिक्रमा की परिधि में बाबर के नाम की कोई मस्जिद स्वीकार नहीं होगी।

श्री दास ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले अयोध्या नगरी को चुना है। जिस दिन अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो जायेगा तभी यहां पूर्ण विकास होगा।