उत्तर प्रदेश की राजधानी समेत राज्य के प्रमुख शहरों में भी राष्ट्रीय राजधानी की तरह दीपावली की अगली सुबह धुंध नजर आई। दीपावली पर इन शहरों में जमकर आतिशबाजी हुई और रात 10 बजे के बाद भी पटाखों की आवाज सुनी जाती रही। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दीपावली पर पटाखे फोड़ने के लिए रात आठ से दस बजे तक की समयसीमा तय की थी।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तरह ही प्रदेश की राजधानी में भी दीपावली के अगले दिन जब लोगों ने आंखें खोलीं तो चारों तरफ धुंध थी। वातावरण में बढ़ गये प्रदूषण से होने वाले नुकसान पर रोशनी डालते हुए मशहूर छाती और श्वांस रोग विशेष डा एस के कटियार ने गुरूवार को बताया कि पटाखों के धुएं से बुजुर्ग लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दीपावली भारत-अमेरिकी दोस्ती को दर्शाने का एक विशेष अवसर : ट्रंप

उन्होंने बताया कि यह धुआं अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीड़ित रोगियों के लिये काफी नुकसान देह है। विशेषकर दमा से पीड़ित बच्चों और बुजुर्ग लोगों को इससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।