BREAKING NEWS

ट्रैक्टर परेड को नाकाम करने की पाक ने बनायी साजिश, पाक ने 300 से अधिक ट्विटर अकाउंट बनाए ◾नेपाल: ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाले गुट ने प्रधानमंत्री ओली को पार्टी की सदस्यता से निष्कासित किया ◾UP के BJP विधायक का विवादित बयान, कहा- ‘राक्षसी’ संस्कृति की है ममता बनर्जी, उनके डीएनए में दोष◾किसानों की परेशानियों को सुनने और समझने की बजाए सरकार उन्हें आतंकवादी कहती है : राहुल गांधी◾लालू प्रसाद की बिगड़ी तबीयत पर बोले मुख्यमंत्री नीतीश- वे जल्द ठीक हों, मेरी शुभकामना उनके साथ◾असम में गरजे अमित शाह- कांग्रेस बताए इतने सालों तक रक्तरंजित क्यों रहा राज्य◾कृषि कानून को लेकर 60वें दिन आंदोलन जारी, 26 जनवरी पर ट्रैक्टर रैली की तैयारी में जुटे किसान ◾LAC विवाद : भारत और चीन के बीच कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक मोल्डो में जारी ◾दिल्ली में आधी रात को लगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, छह लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ा◾गणतंत्र दिवस पर 2 बजे के बाद खुलेगी कनॉट प्लेस मार्केट, बंद रहेंगे ये 4 मेट्रो स्टेशन◾उत्तर भारत में सर्दी का सितम जारी, शीतलहर से फिर कांपेगी राजधानी दिल्ली ◾राहुल गांधी का तंज- जनता महंगाई से त्रस्त, मोदी सरकार टैक्स वसूली में मस्त◾CM उद्धव ठाकरे की साइन की हुई फाइल से छेड़छाड़, PWD इंजीनियर के खिलाफ जांच के दिए थे आदेश◾BJP सांसद साक्षी महाराज का आरोप-कांग्रेस ने कराई थी नेताजी की हत्या◾देश में कोरोना के 14849 नए मामलों की पुष्टि, पॉजिटिव केस 1 करोड़ 65 लाख के पार ◾TOP 5 NEWS 24 JANUARY : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी, संक्रमितों का आंकड़ा 9.86 करोड़ तक पहुंचा◾ममता बनर्जी के लिये ‘जय श्री राम’ का नारा सांड को लाल कपड़ा दिखाने के समान है : अनिल विज◾ सात और राज्य अगले सप्ताह से स्वदेशी तौर पर विकसित ‘कोवैक्सीन’ टीका लगाएंगे : स्वास्थ्य मंत्रालय ◾ वायुसेना प्रमुख भदौरिया बोले- भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों पर काम कर रहा है◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

अयोध्या में मस्जिद शिलान्यास के मौके पर सीएम योगी को न्योता देगा इंडो इस्लामिक ट्रस्ट

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा अयोध्या में मस्जिद तथा अन्य निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट उच्चतम न्यायालय के आदेश पर वक्फ बोर्ड को मिली जमीन पर बनने वाली 'जन सुविधाओं' के शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित करेगा। 'इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन' ट्रस्ट के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन ने शनिवार को बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर अयोध्या जिले के धन्नीपुर गांव में वक्फ बोर्ड को मिली पांच एकड़ जमीन पर अस्पताल, लाइब्रेरी, सामुदायिक रसोईघर और रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। 

 हुसैन ने बताया यह सभी चीजें जनता की सुविधा के लिए होंगी और जनता को सहूलियत देने का काम मुख्यमंत्री का होता है। इसी हैसियत से इनके शिलान्यास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में न सिर्फ शिरकत करेंगे, बल्कि इन जन सुविधाओं के निर्माण के लिए सहयोग भी करेंगे। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक निजी टीवी चैनल को दिये गये साक्षात्कार में अयोध्या में मस्जिद के शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत किए जाने की संभावना संबंधी सवाल पर कहा था कि ना तो उन्हें बुलाया जाएगा और ना ही वह जाएंगे। उन्होंने कहा था, ''अगर आप एक मुख्यमंत्री की हैसियत से यह सवाल पूछ रहे है तो मुझे किसी धर्म, मान्यता या समुदाय से कोई परहेज नहीं है लेकिन अगर आप मुझसे एक योगी के रूप में पूछ रहे है तो मैं हरगिज नही जाऊंगा, क्योंकि एक हिन्दू के रूप मुझे अपनी उपासना विधि का पालन करने का अधिकार है।'' 

नोएडा में CM योगी ने की कानून व्यवस्था और कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा था, '' मैं न तो वादी हूं और न ही प्रतिवादी, इसलिये न तो मुझे बुलाया जायेगा और न ही मैं जाऊंगा । मुझे मालूम है कि मुझे इसका निमंत्रण नही मिलेगा ।’’ इस सवाल पर कि क्या योगी मस्जिद की आधारशिला भी रखेंगे, हुसैन ने कहा कि इस्लाम के सभी चार विचार केंद्रों हनफी, हम्बली, शाफई और मालिकी में से किसी में भी मस्जिद की नींव रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का प्रावधान नहीं है, लिहाजा इस सवाल का कोई आधार नहीं बनता। 

क्या धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद का नाम 'बाबरी मस्जिद' रखा जाएगा, इस सवाल पर ट्रस्ट के सचिव ने कहा कि ऐसा कोई विचार नहीं है और ट्रस्ट द्वारा बनवाई जाने वाली किसी भी इमारत का अभी तक कोई नाम तय नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि मस्जिद-ए-नबवी और कुछ अन्य गिनी चुनी मस्जिदों को छोड़कर बाकी किसी भी मस्जिद का नाम मायने नहीं रखता। अल्लाह के नजर में मस्जिद में किए गए सजदे ही मायने रखते हैं, बाकी सब बेमानी है। 

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने गत 9 नवंबर को अपने फैसले में अयोध्या के विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण कराने और उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर 5 एकड़ जमीन देने का आदेश जारी किया था।  बोर्ड ने इस जमीन पर मस्जिद के अलावा इंडो इस्लामिक रिसर्च सेंटर, एक अस्पताल, कम्युनिटी किचन, पुस्तकालय और म्यूजियम बनाने का फैसला किया था। इसके लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन नामक ट्रस्ट बनाया गया है जो मस्जिद तथा अन्य इमारतों का निर्माण कराएगा। इसके लिए मुख्यतः जन सहयोग से धन जुटाया जाएगा। 

CM योगी ने नोएडा में जिले के सबसे बड़े कोविड-19 अस्पताल का किया उद्घाटन