वाराणसी से इंदौर के लिए चलने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस में भगवान शिव के आरक्षित कि गई सीट पर उठे बवाल को लेकर भारतीय रेलवे खान-पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) का बयान सामने आया है। आईआरसीटीसी ने इस पर सफाई देते हुई कहा कि काशी-महाकाल एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा के दौरान इसमें भगवान शिव के लिए एक सीट आरक्षित की गई, ताकि इस नयी परियोजना की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लिया जा सके।
आईआरसीटीसी ने अपने बयान में कहा कि ट्रेन कर्मचारियों ने काशी-महाकाल एक्सप्रेस की उद्घाटन यात्रा के दौरान रविवार को पूजा करने के लिए ट्रैन की अप्पर बर्थ पर महाकाल का फोटो कुछ समय के लिए रखा था। हालांकि इस घटना पर सवाल खड़े करते हुई एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ट्वीटर पर टैग करते हुई विधान की प्रस्तावना की एक तस्वीर पोस्ट की थी।
महाकाल एक्सप्रेस में शिव मंदिर पर ओवैसी ने पीएम को घेरा, ट्वीट की संविधान की प्रस्तावना
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी से इंदौर के लिए चलने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। काशी महाकाल एक्सप्रेस शिव भक्तों के लिए खास तोहफा है और जानकारी के मुताबिक़ इस ट्रेन में एक सीट भगवान शिव के लिए सुरक्षित की गयी थी। साथ ही इस ट्रेन में एक छोटा शिव मंदिर भी बनाया गया है।


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