लखनऊ : समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने योगी सरकार से पूछा है कि अगर सूबे की कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं होगा, तो कोई क्यों राज्य में निवेश करने आएगा? पूर्व मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश में इन दिनों चारों तरफ निवेशकों के शीर्ष सम्मेलन का बड़ा हो-हल्ला हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसा माहौल बनाया जा रहा है जैसे उत्तर प्रदेश का काया पलट होने जा रहा है। बड़े-बड़े उद्योगपतियों को बुलावा भेजा गया है। उनके स्वागत में पूरे शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर रंगाई-पुताई चल रही है, लेकिन इस शीर्ष सम्मेलन में सिर्फ प्रस्तावों के कागज ही बंटने हैं।

निवेशक समझौते के कागजों पर हस्ताक्षर करके चले जाएंगे। नौजवानों को रोटी-रोजगार कैसे मिलेगा? इसका प्रारूप कहां है? यह भाजपा सरकार को बताना चाहिए। भाजपा वादे बांटती रही है, उससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इन्वेस्टर मीट के नाम पर जनता को विज्ञापनों से गुमराह किया है। सपा प्रवक्त ने जोर देकर कहा कि जिस लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे का जोरशोर से भाजपा सरकार उल्लेख कर रही है, उसके निर्माण का ऐतिहासिक कार्य करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की चर्चा तक नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को सच्चाई का सामना करते हुए निवेशकों के शीर्ष सम्मेलन की तैयारियों में उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने वाले अखिलेश यादव के कार्यकाल की उपलब्धियों का सच बताना चाहिए। श्री चौधरी ने कहा कि समाजवादी सरकार में जहां एक ओर 23 महीने में 302 किमी लम्बी एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर आवागमन को सुगम और बेहतर बनाने का काम किया गया था, वहीं दूसरी ओर बजट का 75 प्रतिशत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए रखा गया था। साथ ही प्रदेश की राजधानी को विकसित देशों की तर्ज पर लाने के लिए अल्पसमय में मेट्रो का संचालन करने का काम भी अखिलेश यादव ने ही किया।

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