गोरखपुर और फूलपुर के लिए आखिरी वक्त पर अनमने ढंग से हुआ सपा-बसपा का गठबंधन काम कर गया। सीएम योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर और डिप्टी सीएम केशवप्रसाद मौर्य की पिछली बार जीती फूलपुर लोकसभा सीट इस बार सपा-बसपा ने भाजपा से छीन लीं। 27 साल में यह पहला मौका है जब गोरखपुर में भाजपा के गढ़ में सपा-बसपा मिलकर जीती है।

सबसे पहले फूलपुर के नतीजे आए। यहां सपा के नगेंद्र प्रताप सिंह पटेल जीत गए। वहीं, गोरखपुर में भी सपा के प्रवीण निषाद जीत गए। इन दोनों सीटों पर 11 मार्च को उपचुनाव हुए थे। दोनों सीटों पर पिछली बार से करीब 12% कम वोटिंग हुई थी। हार के बाद सीएम आदित्यनाथ योगी ने कहा- “‘ये जनता का फैसला है। हम सभी को इसे मानना चाहिए। अति-आत्मविश्वास और आखिरी समय में सपा-बसपा की राजनीतिक सौदेबाजी के कारण हम हारे।’’

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्ननाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर की प्रतिष्ठित लोकसभा सीट पर 9वें राउंड की मतगणना के बाद समाजवादी पार्टी के प्रवीन निषाद भाजपा के उम्मीदवार उपेंद्र नाथ शुक्ला से तकरीबन 15,000 वोटों से आगे चल रहे हैं। कांग्रेस की सुरीथा करीम तीसरे स्थान पर चल रही हैं।

चुनाव अधिकारियों के अनुसार फूलपुर सीट पर सपा के नागेंद्र प्रताप सातवे राउंड की मतगणना के बाद भाजपा उम्मीदवार से 8199 वोटों से आगे चल रहे हैं। फूलपुर से सपा प्रत्याशी भाजपा के कौशलेंद्र पटेल से आगे चल रहे हैं जबकि यहां पर निर्दलीय उम्मीदवार अतीक अहमद तीसरे नंबर पर हैं। कांग्रेस चौथे स्थान पर है।

तीसरे चरण की मतगणना के बाद नागेंद्र पटेल ने 7,600 वोट हासिल किए थे, जबकि कौशलेंद्र सिंह को 6,163 वोट प्राप्त हुए।  चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक चुनाव परिणाम आज दोपहर बाद तक आ सकते हैं। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के लिये मतदान गत 11 मार्च को हुआ था। इस दौरान क्रमशः 47.75 प्रतिशत और 37.39 फीसद वोट पड़े थे।

गोरखपुर सीट के लिये 10 तथा फूलपुर सीट पर 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। बता दें कि गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के और फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद दिए गए त्यागपत्र के कारण रिक्त हुई हैं।

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