BREAKING NEWS

'काली' के पोस्टर पर छिड़ा विवाद... मोइत्रा ने अनफॉलो किया TMC का आकउंट, पार्टी ने बनाई दूरी! ◾CM शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर ली चुटकी, कहा-ऑटोरिक्शा ने मर्सिडीज को पीछे छोड़ दिया◾अयोध्या के संत ने फिल्म 'काली' का पोस्टर साझा करने के बाद फिल्म निर्माता लीना को धमकी की जारी◾CORONA UPDATE : देश में पिछले 24 घंटो में कोरोना के 16 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए, 28 मरीजों ने गंवाई जान ◾अजमेर दरगाह का खादिम गिरफ्तार, नुपुर शर्मा की गर्दन काटने वाले को अपना घर देने का किया था ऐलान◾कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान दो आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण किया◾LPG Price Hike : आम आदमी को महंगाई का बड़ा झटका, 50 रुपए महंगा हुआ घरेलू LPG सिलेंडर ◾आज का राशिफल (06 जुलाई 2022)◾Jharkhand : उच्च न्यायालय ने मानहानि मामले में राहुल गांधी की याचिका खारिज करते हुए कहा ..... ◾NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 06 जुलाई को असम में राजग सांसदों, विधायकों से मिलेंगी◾Eng vs Ind 5th Test Match : इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट में भारत पर धीमी ओवरगति के लिये जुर्माना◾मैने भाजपा नेतृत्व को एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र सीएम बनाने का प्रस्ताव दिया था : फडणवीस◾फ्रांसीसी रक्षा कंपनी सैफरान ग्रुप हैदराबाद, बेंगलुरु में लगाएगा संयंत्र ◾ Spice Jet flight News: स्पाइस जेट विमान के विंडशील्ड में आई दरार, 17 दिन में तकनीकी खराबी की 7वीं घटना ◾Maharashtra: उद्धव का छलका दर्द! बोले- सियासी राजनीति से हुआ दुखी, अपनों ने छोड़ा साथ, जल्द करूंगा वापसी◾ भाजपा का अखिलेश पर तंज- जनाब तुम्हारी साइकिल 2024 के लोकसभा चुनाव तक नहीं पहुंच पाएगी, मुंह की खाओगे◾ BJP धमकी देती है कि हमारे पास ED है और IT है...दीवार फिल्म के मशहूर डायलॉग से केजरीवाल का भाजपा पर हमला◾Karnataka News: कर्नाटक में मौत का खैल ! मशूहर ‘सरल वास्तु’ गुरुजी की चाकू मारकर हत्या की गई◾जीएसटी को‘गब्बर सिंह टैक्स‘करार दिया..........., राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा वार◾योगी सरकार के 100 दिन.... या अंधकार का कार्यकाल: गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई सातवें आसमान पर, मायावती का तंज ◾

जमीयत की बैठक में भावुक हुए मुस्लिम धर्मगुरू मदनी, बोले- जुल्म सह लेंगे लेकिन वतन पर आंच नहीं आने देंगे...

​​​​UP के सहारनपुर में मुस्लिमों के सम्मेलन में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी भावुक हो गए। मदनी ने कहा, "मस्जिदों के बारे चर्चा कर कल जमात फैसला लेगी। फैसले के बाद कोई कदम पीछे नहीं हटेगा। हमारा जिगर जानता है कि हमारी क्या मुश्किलें हैं। हां, मुश्किल झेलने के लिए ताकत–हौसला चाहिए। हम जुल्म को बर्दाश्त कर लेंगे, दुखों को सह लेंगे, लेकिन अपने मुल्क पर आंच नहीं आने देंगे।''

 वतन पर आंच नहीं आने देंगे

मदनी ने भावुक स्वर में कहा कि हमें अपने ही देश में अजनबी बना दिया गया है। हम हर जुल्म सह लेंगे लेकिन वतन पर आंच नहीं आने देंगे। देवबंद में देश में चल रहे विवादों, खासकर ज्ञानवापी मस्जिद विवाद और मथुरा के शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर बैठक में कई अहम बातें कही गई। इसमें मुस्लिम पक्ष की ओर से तमाम विवाद पर अपना पक्ष तय किए जाने की बात कही जा रही थी। मौलाना मदनी ने अपनी तकरीर में देश की बात की। सामाजिक एकता पर जोर दिया। साथ ही, मंदिर-मस्जिद के मुद्दे पर जारी महाभारत पर दुख भी जताया।

 देश में अखंड भारत की बात तो होती है, लेकिन हालात ऐसे हो गए 

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश में आज हालात मुश्किल हैं। उन्होंने कहा कि देश में अखंड भारत की बात तो होती है, लेकिन हालात ऐसे हो गए हैं कि मुसलमानों को अपनी ही बस्ती में चलना तक मुश्किल हो गया है। देश में नफरत के पुजारी बढ़ गए हैं। उन्होंने शेर पढ़ा- जो घर को कर गए खाली वो मेहमां याद आते हैं। इसके बाद रुंधे गले से कहा कि हमलोग ऐसे मुश्किल हालात में हैं, जिसकी कल्पना नहीं कर सकते।

किसी ऐक्शन प्लान पर नहीं चलने की बात

मौलाना मदनी ने कहा कि हम किसी ऐक्शन प्लान पर नहीं चलेंगे। हालात मुश्किल हैं। लेकिन, इस समय भी मायूसी की जरूरत नहीं है। हम जुर्म सह लेंगे लेकिन देश पर आंच नहीं आने देंगे। हम हर चीज से समझौता कर सकते हैं, पर देश से नहीं। इस बात को हर किसी को समझने की जरूरत है।

मुश्किलों पर की चर्चा

मौलाना मदनी ने कहा कि आज के हालात काफी मुश्किल हैं। हमारा दिल जानता है कि हम किस मुश्किल दौर में हैं। हमारी स्थिति तो उस व्यक्ति से भी खराब है, जिसके पास कुछ नहीं है। हमारी स्थिति का अंदाजा कोई और क्या लगा सकता है। मुश्किलों को झेलने के लिए हौसला चाहिए, ताकत चाहिए। हम कमजोर लोग हैं। कमजोरी का यह मतलब नहीं है कि हमें दबाया जाए।

जुल्म को बर्दाश्त कर लेंगे

मौलाना कहा कि जमीयत उलेमा का फैसला है कि हम अमन और शांति के संदेशवाहक हैं, तो ठीक है। अगर जमीयत उलेमा का यह फैसला है कि हम जुल्म को बर्दाश्त कर लेंगे। अगर जमीयत उलेमा का यह फैसला है कि हम दुखों को सह लेंगे, लेकिन अपने मुल्क पर आंच नहीं आने देंगे। तो जमीयत का यह फैसला कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि हमारी ताकत की वजह से है।