उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मां काली की प्रतिमा स्थापित करने पर रोकने से करीब 50 दलितों ने धर्म परिवर्तन की धमकी दी है। दलितों का कहना है कि गांव के ही कुछ दबंगों ने मंदिर में उन्हें मां काली की प्रतिमा स्थापित नहीं करने दी। इस घटना से इलाके के दलित गुस्से में हैं। इनका कहना है कि उन्हें अपना धर्म मानने की भी आजादी नहीं है।

जानकारी मुताबिक दबंगों के रवैये का विरोध कर रहे राजकुमार नाम के एक शख्स ने कहा, “क्या हम हिन्दू नहीं हैं, हमें मंदिर में मां काली की प्रतिमा लगाने नहीं दी जा रही है, हम कहां जाएं, इससे तो अच्छा है कि हम अपना धर्म ही बदल लें।” मंदिर में मां काली की प्रतिमा स्थापित करने का विरोध करने वाले लोग मंदिर परिसर में कार और ट्रैक्टर पार्क करते हैं।

हरिद्वार में दो परिवारों ने किया धर्म परिवर्तन

विजय कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान उन लोगों ने शिव मंदिर में भंडारे का आयोजन किया था और इसी दौरान वहां पर काली मां की प्रतिमा लगाने पर सहमति बनी थी। जब नवरात्र के पहले दिन वह लोग प्रतिमा लगाने के लिए गये तो कुछ लोगों ने खुद को मंदिर कमेटी का सदस्य बताकर काली की प्रतिमा लगाने का विरोध किया।

जश्न-ए-आजादी पर सैकड़ों दलितों ने किया धर्म परिवर्तन

दरअसल यहां पर नवरात्र में गांव के एक मंदिर में मां काली की प्रतिमा स्थापित करने से रोकने पर इन परिवारों ने धर्म परिवर्तन की धमकी दी है। मेरठ के इंचोली थाना क्षेत्र के एक गांव में 50 दलित परिवारों ने धर्म परिवर्तन की चेतावनी दी। इन सभी की इस चेतावनी से जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। जिसके बाद मेरठ के एडीएम रामचंद्र ने बताया कि केस की जांच की जाएगी, हालांकि उन्हें धर्म बदलने की दलितों की चेतावनी की जानकारी नहीं है।