उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है यह आंकड़ 70 के पार पहुंच गया। पुलिस ने जहरीली शराब बांटने वाले पिता-पुत्र को बालूपुर (उत्तराखण्ड) से गिरफ्तार कर लिया है। सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने रविवार शाम यहां बताया रुड़की (उत्तराखंण्ड) और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त रुप से कार्रवाई करते हुए जहरीली शराब बांटने वाले झबरेडा (रुडकी) क्षेत्र के बालूपुर निवासी फकीरा और उसके पुत्र सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने जहरीली शराब बांटी थी। उन्होंने बताया कि बालूपुर गांव में इस धंधे में लगे 15 लोग फरार हैं जिसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अब तक 70 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

 शराब पीने से मरने वालों के परिजनों ने तीन मुकदमें दर्ज कराये जबकि 55 से अधिक मामले अब तक दर्ज किए गये हैं। उन्होंने बताया कि बालूपुर निवासी फकीरा और इसके पुत्र सोनू ने ही जहरीली शराब बांटी थी जिसके सेवन से सलेमपुर, खेड़ मुगल समेत आठ-दस गांव के लोगों ने शराब पी थी। उन्होंने बताया कि सहारनपुर में 46 मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद 36 लोगों की शराब पीने से मृत्यु की पुष्टि हुई जबकि 10 लोगों की मृत्यु अन्य कारण के कारण हुई बताया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेरठ के अस्पताल में भर्ती 23 लोगों की मृत्यु हुई है। उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने पर मृत्यु के सही कारण का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि सहारनपुर और रुड़की पुलिस अवैध शराब कोरोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि अवैध शराब के धंधे में लिप्त मुख्यआरोपियों पर आरोपियों पर रासुका के अलावा गैगेस्टर और गुण्डा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। अपराध-शराब मृतक संख्या दो अंतिम सहारनपुर इस बीच सीएमओ डा.बलजीत सिंह सोढ़ ने बताया कि जिला अस्पताल समेत सहारनपुर के विभिन्न अस्पतालों में जहरीली शराब से पीडित लोग भर्ती है। उनका इलाज किया जा रहा है। प्रदेश के आबकारी आयुक्त धीरज शाहू के इस ब्यान पर कि जहरीली शराब पीने से हुई मौतों की संख्या की वजह उन्हें समय पर उपचार न मिलना रहा।

इस पर डा. सोढ़ ने कहा कि हादसे के पहले रोज पूरे दिन हुई बारिश और ठंड के कारण शराब पीडित रोगी घरों में ही दुबके रहे और हालत बिगडने पर देर रात उनको जिला अस्पताल में लाया गया। सहारनपुर में जहरीली शराबपीने से शुक्रवार को शुरू हुआ मौतों का सिलसिला अभी तक जारी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे उत्तराखण्ड के हरिद्वार जिले के रूड़की क्षेत्र के झबरेडा क्षेत्र के गांव बालूपुर में सात फरवरी को तेरहवी थी। सहारनपुर के कई गांवो के ईंट-भट्टों पर काम करने वाले मजदूर और अनुसूचित जाति के लोग सस्ती शराब के चक्कर में बालूपुर गए हुए थे। उन्होंने वहां हुई तेरहवी की दावत में देशी शराब बांटी गई थी। उस शराब को पीने के बाद लोगों की तबियत बिगड़ने लगी थी।

कुछ ग्रामीण बालूपुर गांव से देशी शराब के पाऊच साथ ले आए और गांव आकर अपने परिचितों में बांट दिया था। उनमें कुछ देशी शराब के विक्रेता भी थे। जांच में इस शराब में मिथाईल एल्कोहल की मात्रा अधिक पाई गई जो जहर का काम करती है। रविवार सुबह एसएसपी दिनेश कुमार पी तथा पुलिस अधीक्षक (देहात) विद्या सागर मिश्र जिला हरिद्वार पहुंचे और वहां अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में शराब माफियाओं के खिलाफ संयुक्त अभियान चला कर इनकी कमर तोड़ जा सके।

उधर पुलिस महानिरीक्षक शरद सचान और जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे बिहारीगढ़ और फतेहपुर क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों के बीच पहुंचे और लोगों को जागरुक करने पर बल दिया गया। अधिकारी लोगों को कच्ची या अन्य किसी तरह की शराब न पीने की हिदायत दे रहे हैं। सहारनपुर के पुलिस महानिरीक्षक श्री सचान ने बताया कि तीनों थाना क्षेत्रों में शराब कांड से प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया है। इसके अलावा शामली जिले के कैराना के गांव कमालपुर में भी लोगों को जागरूक किया गया क्योंकि गत वर्ष जहरीली शराब से इस क्षेत्र में भी कई लोगों की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि शासन ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट तैयार कर शासन को जल्द सौंप दिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश के सहारनपुर,कुशीनगर और उत्तराखण्ड में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है।

प्रियंका ने जहरीली शराब से लोगों की मौत पर दुख जताया, भाजपा सरकारों पर निशाना साधा

प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में हुई लोगों की मौत पर दुख जताया और आरोप लगाया कि दोनों राज्यों की भाजपा सरकारों की सरपरस्ती में अवैध शराब का बड़ा कारोबार चल रहा है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई के साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवज़ा और सरकारी नौकरी के प्रावधान की मांग की।

हाल ही में पार्टी महासचिव-प्रभारी (पूर्वी उत्तर प्रदेश) नियुक्त हुई प्रिंयका ने एक बयान में कहा, ”मैं यह जानकर स्तब्ध और बेहद दुखी हूँ कि जहरीली शराब से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, कुशीनगर और कई गाँवों में 100 से ज़्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है और मरने वालों का सिलसिला लगातार जारी है।” उन्होंने कहा, ”दिल दहला देने वाली इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश सरकार की सरपरस्ती में अवैध शराब का इतना बड़ा कारोबार संचालित होता है यह कल्पना भी नहीं की जा सकती।’

उन्होंने कहा, ”मैं उम्मीद करती हूँ कि भाजपा सरकारों द्वारा अपराधियों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी एवं मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवज़ा और सरकारी नौकरी का प्रावधान किया जायेगा।” कांग्रेस महासचिव नियुक्त होने के बाद प्रियंका का यह पहला आधिकारिक बयान है।