BREAKING NEWS

गोवा सीएम का केजरीवाल पर पलटवार, बोले- स्कूल चलाने के लिए हमें सलाह की नहीं जरूरत ◾नीतीश को अवसरवादी बताने पर तेजस्वी का भाजपा पर तंज - जो बिकेगा उसे खरीद लो है इनकी नीति ◾प्रधानमंत्री ने पीएमओ में कार्यरत कर्मचारियों की बेटियों से बंधवाई राखी, देशवासियों को दी शुभकामनायें ◾शिवसेना का बीजेपी पर प्रहार, कहा- मोदी के लिए नीतीश ने खड़ा किया तूफ़ान◾28 अगस्त को महंगाई पर 'हल्ला बोल रैली' करेगी कांग्रेस, कहा - पीएम हताश है और जनता त्रस्त ◾जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली, राजघाट जा कर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि ◾मेस का खाना देखकर रोया कॉन्स्टेबल, बोला- मिलती हैं पानी वाली दाल और कच्ची रोटियां◾बिहार में मंत्रिमंडल को लेकर RJD की नजर 'ए टू जेड' पर, मंत्रियों की सूची पर लालू लगाएंगे अंतिम मुहर ◾बिज़नेस टाइकून एलन मस्क ने टेस्ला में अपने 80 लाख शेयर बेचे, क्या फिर करने जा रहे है बड़ा धमाका ◾राजस्‍थान : गौवंश पर कहर बनकर टूटा लम्‍पी रोग, हजारों मवेशियों की मौत के बाद पशु मेलों पर रोक◾गुरुग्राम के क्लब में बाउंसर ने की लड़की से छेड़छाड़, विरोध करने पर दोस्तों से हुई मारपीट, सात लोग गिरफ्तार◾ताइवान के खिलाफ चीन की 'आक्रामकता' पर ब्रिटेन सख्त, उठाया ये कदम ◾जम्मू कश्मीर में आतंकी हमला, सेना कैंप में घुस रहे 2 आतंकी ढेर, 3 जवान शहीद◾आज का राशिफल (11 अगस्त 2022)◾हर घर तिरंगा अभियान : शौर्य चक्र से सम्मानित सिपाही औरंगजेब की मां ने अपने घर पर फहराया 'तिरंगा'◾दिल का दौरा पड़ने के बाद राजू श्रीवास्तव एम्स में भर्ती , वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे गए◾माकपा ने 'मुफ्त उपहार' वाले बयान को लेकर PM मोदी पर निशाना साधा◾कांग्रेस ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में संजय राठौर को शामिल किए जाने को लेकर BJP पर साधा निशाना◾High Court में जनहित याचिका : याददाश्त खो चुके हैं सत्येंद्र जैन, विधानसभा और मंत्रिमंडल से अयोग्य घोषित किया जाए◾केजरीवाल ने गुजरात में सत्ता में आने पर महिलाओं को 1000 रुपये मासिक भत्ता देने का किया ऐलान ◾

ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा- 17 पिछड़ी जातियों के साथ किया छल

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने राज्य की भाजपा सरकार पर 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के नाम पर छलने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगर वाकई इन जातियों को न्याय दिलाना चाहते हैं तो केन्द्र के पास प्रस्ताव भेजकर उसे पारित कराएं। 

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राजभर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रदेश की 13 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में फायदा लेने के लिये 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करने का नाटक रचा। उन्होंने योगी पर निशाना साधते हुए कहा, ''मुख्यमंत्री होते हुए भी आपको यह जानकारी नहीं है कि इस संबंधी प्रस्ताव संसद में पारित होना होगा, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होंगे। 

आज देश सरदार पटेल के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार होते हुए देख रहा है : PM मोदी

भाजपा सिर्फ यही चाहती थी कि यह मामला अदालत में जाए और उसने अपने ही एक आदमी गोरखनाथ को खड़ा करके अदालत से रोक लगवा दी, ताकि जनता के बीच जाकर यह कहा जा सके कि भाजपा तो चाहती थी कि 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करें, लेकिन अदालत ने उस पर रोक लगा दी है।'' 

प्रदेश के पूर्व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने कहा, ''हम मुख्यमंत्री से कहेंगे कि अगर आप वास्तव में इन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाना चाहते हैं तो प्रदेश सरकार की तरफ से एक प्रस्ताव अपनी ही पार्टी की केन्द्र सरकार के पास भेजें और सवर्ण आरक्षण की तरह 72 घंटे में इन 17 पिछड़ी जातियों को भी अनुसूचित जातियों में शामिल करवाएं, तब मैं मानूंगा। नहीं तो हम यही समझेंगे कि आप लोग जुमलेबाजी और झूठ बोलने में माहिर हैं।'' 

गृह मंत्री अमित शाह बोले- देश की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं

उन्होंने कहा कि भाजपा जुमलों की पार्टी है। अगर मुख्यमंत्री 17 जातियों को हिस्सा देना चाहते हैं तो प्रदेश सरकार से प्रस्ताव भेजकर लोकसभा और राज्यसभा से पारित क्यों हीं करवा देते, राष्ट्रपति की मुहर क्यों नहीं लगवा देते। तब उसके खिलाफ कोई भी अदालत में नहीं जाता। 

गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 17 ओबीसी जातियों कहार, कश्यप, केवट, निषाद, बिंद, भर, प्रजापति, राजभर, बाथम, गौर, तुरा, माझी. मल्लाह, धीमर और मछुआ को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की राज्य सरकार की अधिसूचना पर सोमवार को रोक लगा दी थी। 

न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा की पीठ ने गोरखनाथ नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह का निर्णय करना संविधान के अनुच्छेद 341 का उल्लंघन है, क्योंकि राज्य सरकार खुद से एक जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकती।