कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के तहत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत 15 जिलों में चुनिंदा इलाकों को सील किया गया है। सील किए गए जिलों में पुलिस ने अपनी पहरेदारी सख्त कर दी है। जिलों के सील किए गए इलाके को सेनिटाइज किए जाने की प्रकिया भी शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा संवेदनशील इलाकों को कोरोना के चलते सील कर दिया गया है।
राजधानी लखनऊ के उन आठ बड़े और चार छोटे क्षेत्रों को सील कर दिया गया है, जहां कोरोना संक्रमण फैलने की सबसे अधिक आशंका है। इनक इलाकों में आने-जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इलाकों की गलियां सूनी है सड़के सूनसान है और खौफ की वजह से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। संवेंदनशील इलाके 15 अप्रैल तक सील रहेंगे।

इन इलाकों की सभी दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी और मीडिया को भी इन इलाकों में जाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। लॉकडाउन के दौरान इन इलाकों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाएगी। कुछ सफाईकर्मी भी इन इलाकों मे जाएंगे। इलाके को संक्रमण मुक्त करने का काम दमकल विभाग की गाड़ियां करेंगी।
कानपुर के हॉटस्पॉट इलाकों को गुरुवार सुबह से ही सेनिटाइज किया जा रहा है। कानपुर में 12 इलाकों को सील कर दिया गया है। सील किए गए इलाकों में हलीम मुस्लिम स्कूल-चमनगंज, हुमायूं मस्जिद-कर्नलगंज, हाजी इनायत मस्जिद-कुलीबाजार, शेख लालमन मस्जिद-कुलीबाजार, हाता वाली मस्जिद-कुलीबाजार, खैर मस्जिद, मछरिया- नौबस्ता, नसीमाबाद मस्जिद, मछरिया, मदरसा हिदायत उल्लाह, मछरिया, सूफा मस्जिद- बाबूपुरवा और बिलाल मस्जिद शामिल है।
सीलिंग के दौरान इन इलाकों में आवागमन पूरी तरह अवरूद्ध रहेगा और पहले जारी किए गया सभी पास को निरस्त समझा जाएगा। राहत कार्य में लगे कर्मचारी और चिकित्साकर्मियों को लाने ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था होगी।


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