कभी समाजवादी पार्टी (सपा) के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत आधार देने वाले शिवपाल सिंह यादव रविवार को रमाबाई अंबेडकर मैदान में जनाक्रोश रैली के जरिये अपने दमखम का इजहार करेंगे। भतीजे अखिलेश यादव से अनबन के चलते सपा से दूरी बना चुके शिवपाल रैली के जरिये विरोधियों को ना सिर्फ अपनी ताकत का अहसास करायेंगे बल्कि अपने नये नवेले दल प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) को लोकसभा चुनाव के लिये तैयार करेंगे।

शिवपाल की रैली को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रैली को ऐतिहासिक बनाने को लेकर पोस्टरों और बैनरों से लखनऊ के चौराहे पटे हुये हैं। यहां दिलचस्प है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की तस्वीर को ज्यादातर बैनरों पोस्टरों पर जगह नहीं दी गई है जबकि शिवपाल अपनी लगभग हर सभा में ‘मुलायम’ को पार्टी का सर्वेसर्वा बताने का दावा करते रहे हैं।

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पार्टी सूत्रों के मुताबिक जनाक्रोश रैली शिवपाल की नई पार्टी के लिये ना सिर्फ मील का पत्थर साबित होगी बल्कि उन ताकतों के लिये भी चेतावनी होगी जिन्होने पिछले डेढ़ साल के दौरान शिवपाल को हतोत्साहित करने में कोई कोरकसर नही छोड़ी। रैली में शिवपाल के बड़े भाई और सपा संरक्षक मुलायम के भाग लेने की संभावना अतिक्षीण है मगर राजनीतिक बिसात के धुरंधर मुलायम के बारे में अतिश्योक्ति से इंकार नहीं किया जा सकता।

रास्ता दिखाकर ही दम लेंगे : शिवपाल

बालीवुड फिल्म सत्ते पे सत्ता के गीत की पंक्तियां ‘हैं तैयार हम’ को रैली के एक प्रमुख स्लोगन के तौर पर शामिल किया गया है। शिवपाल को जननायक के तौर पर दिखाने का प्रयास कर रहे ज्यादातर पोस्टरों में विभिन्न स्लोगनों के जरिये समर्थकों का उत्साहवर्धन किया गया है। सूत्रों के अनुसार शिवपाल के लिए यह रैली प्रतिष्ठा का सवाल है। उनके समर्थक खासे उत्साहित हैं।

“चाचा तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है” जैसे नारे उसी दिन से लगने लगे थे जब शिवपाल ने सपा से अलग राह चुनते हुये समाजवादी सेकुलर मोर्चा का गठन किया था। पोस्टरों में शिवपाल के चित्र के साथ खड़ी भीड़ को दर्शाते हुये लिखा है ‘नहीं अकेले हैं शिवपाल।’ उन्होने बताया कि शिवपाल के नये दल में सपा के कई असंतुष्ट नेता और कार्यकर्ता है जिन्होने सपा में उपेक्षा का आरोप लगाते हुये शिवपाल की पार्टी से खुद को जोड़ा है।

Samajwadi-Party

संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले शिवपाल का साथ देने वाले ऐसे कार्यकर्ता पार्टी की मजबूती के रात दिन एक किये हुये हैं। हाल ही में निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की रैली से कल होने वाली जनसभा की तुलना को गलत बताते हुये पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित जनाक्रोश रैली का मकसद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का असली चेहरा जनता के सामने लाने का है।

नोटबंदी एवं जीएसटी से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अदूरदर्शी फैसलों से जहां देश की अर्थव्यवस्था चरमराई है वहीं मंहगाई और बेरोजगारी से आम जनता त्राहि त्राहि कर रही है। उन्होने कहा कि यह रैली केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों के खिलाफ है। राज्य की योगी सरकार विकास को तरजीह देने की बजाय राममंदिर को फिर से चुनावी मुद्दा बनाने की फिराक में है वहीं प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत पतली है। जनता में इन सबको लेकर आक्रोश है।