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5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत, PAC की छह कंपनियां और RAF की दो कंपनियां होंगी तैनात

केंद्रीय कृषि कानूनों सहित किसानों से जुड़े मुद्दों पर रविवार को होने वाली ‘किसान महापंचायत’ के लिए प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की छह कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो कंपनियां तैनात की जाएंगी। वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि महापंचायत में शामिल होने वाले किसानों की संख्या बता पाना मुश्किल है।

अगर प्रशासन रोकेगी तो हम तोड़कर जाएंगे

उन्होंने कहा कि मैं लोगों से वादा करता हूं कि इस महापंचायत में बहुत बड़ी संख्या में किसान सम्मिलित होंगे। टिकैत ने कहा कि किसानों को महापंचायत जाने से कोई नहीं रोक सकता। अगर प्रशासन रोकेगी तो हम तोड़कर जाएंगे। दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत से पहले शुक्रवार को राजनीतिक पार्टियों से कहा कि वे चुनावी मोड में न आएं और वे चुनाव प्रचार करने से परहज़ करें। संगठन ने उनके प्रचार को ‘किसान विरोधी साजिश’ बताया।

अलग-अलग किसान संघों के संगठन एसकेएम ने एक बयान कहा कि चुनाव प्रचार "महीनों से किसानों द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण संघर्ष से ध्यान भटकाएगा।" एसकेएम ने कहा, “आम तौर पर चुनाव से संबंधित प्रचार चुनाव की तारीखों से कुछ महीने पहले शुरू हो जाता है” लेकिन विभिन्न दल पहले ही चुनाव मोड में आ गए हैं और असामान्य गतिविधियां कर रहे हैं।

बयान में कहा गया है, “हम केवल यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि यह एक किसान विरोधी साजिश है, जो किसानों द्वारा महीनों से किए जा रहे महत्वपूर्ण संघर्ष से ध्यान भटकाने के लिए है। हमने उनसे कहा है कि अगर वे किसानों के संघर्ष के सच्चे समर्थक हैं तो वे चुनाव प्रचार से परहेज़ करें।” इसमें कहा गया है कि किसान भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं के खिलाफ अपना विरोध तेज कर रहे हैं, और उन्होंने कुछ कार्यक्रमों के संबंध में हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को अल्टीमेटम दिया है।

एसकेएम ने कहा, “हरियाणा के रेवाड़ी के किसानों ने मुख्यमंत्री (मनोहर लाल खट्टर) को पांच सितंबर को रेवाड़ी में निर्धारित कार्यक्रम में आने को लेकर आगाह किया है और कहा है कि किसान निश्चित रूप से काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे। हिमाचल प्रदेश में, किसानों ने जब तक कि उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तबतक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को शिलाई में आगामी कार्यक्रम में भाग लेने के खिलाफ चेतावनी दी है।”

बयान में कहा गया है कि एसकेएम पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में 'किसान महापंचायत' का आयोजन करेगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एसकेएम ने कहा, “पांच सितंबर को जीआईसी मैदान में किसान महापंचायत में लाखों किसानों के शामिल होने की उम्मीद है, जो संयुक्त किसान मोर्चे के उत्तर प्रदेश मिशन की शुरुआत करेगा। ” किसान संगठन ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में कई जगहों पर लोगों को जुटाने के लिए बैठकें हो चुकी हैं।

पंजाब के मोगा में बृहस्पतिवार को किसानों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछारों के इस्तेमाल की निंदा करते हुए, एसकेएम ने किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को तुरंत वापस लेने और पुलिस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसकेएम ने यह भी कहा कि अगर आठ सितंबर तक किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो उस दिन किसान संघों की बैठक में बड़े प्रदर्शन की कार्य योजना तय की जाएगी।

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