भाजपा भले ही सपा-बसपा गठबंधन को गंभीरता से ना लेने की बात कर रही हो, लेकिन उसके सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का मानना है कि यह ‘मजबूत’ गठबंधन बहुत मजबूती से चुनाव लड़ेगा। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के दिव्यांग जन सशक्तिकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा और बसपा के गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि देश अब गठबंधन के दौर से गुजर रहा है और किसी दल में अकेले चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है।

उन्होंने कहा सपा-बसपा का गठबंधन मजबूत गठबंधन है तथा यह मजबूती से चुनाव लड़ेगा। एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि सुभासपा के सपा-बसपा महागठबंधन के साथ होने और चुनाव लड़ने की खबर में कोई सच्चाई नहीं है।

लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर पूछे जाने पर राजभर ने भाजपा पर तंज करते हुए कहा कि भाजपा को ऐसा लगता है कि सूबे में उसकी लहर चल रही है। भाजपा को गलतफहमी हो गई है कि उसे 60 फीसद लोगों का समर्थन हासिल है। इसी गलतफहमी का परिणाम उसे गोरखपुर, फूलपुर, कैराना लोकसभा उपचुनाव और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में पराजय के रूप में मिल चुका है।

सपा-बसपा में हुआ गठबंधन, एक सप्ताह में तय हो जाएंगी सीटें

भाजपा से रिश्तों को लेकर पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी अभी तक भाजपा के किसी भी नेता से गठबंधन जारी रखने को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई है और ना ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उनसे संपर्क किया है । राजभर ने स्पष्ट किया कि भाजपा को गठबंधन बनाये रखना है तो पिछड़े वर्ग को तीन हिस्से में विभाजित करने की उनकी मांग को अमलीजामा पहनाना ही पड़ेगा।

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उन्होंने इसके साथ ही कहा कि यह भाजपा पर निर्भर करता है कि उसे उनके दल को साथ रखना है अथवा नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा यदि उनके तय समय 100 दिन के अंदर पिछड़े वर्ग को तीन हिस्से में विभाजित नहीं करती है तो वह चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर देंगे ।