लखनऊ : उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि क्षय रोग (टी.बी.) को 2025 तक देश और प्रदेश से मुक्त कर दिया जायेगा और इसके लिए केन्द, सरकार और प्रदेश सरकार दृढ़ प्रतिज्ञ है। श्री सिंह आज गोमती नगर स्थित डा। राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में आयोजित उत्तर प्रदेश स्टेट टास्क फोर्स की 34वीं एक दिवसीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि टी.बी. मात्र भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की एक प्रमुख संक्रामक बीमारी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिन्हित क्षेत्रों में इस बीमारी की जांच के लिए शिविरों का आयोजन कराया जायगा। इस बीमारी से जुड़ जानकारियाँ आम जनता को उपलब्ध कराने के लिए संचार के विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द, मोदी ने देश को क्षय रोग से मुक्त करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि को सन 2030 से घटाकर 2025 कर दिया है। उन्होंने कहा कि 2025 तक प्रदेश को क्षय रोग से मुक्त किया जायेगा। प्रदेश को क्षय रोग से मुक्त करने के लिए गरीब वर्ग, मजदूरों, आदि की उचित समय पर समुचित जांच कर उनमें टी.बी. का पता लगाने एवं उनका पूरा इलाज कराने तथा जनता को बीमारियों से जुड़ सही जानकारियाँ उपलब्ध कराने एवं बीमारी पर अनुसंधान के लिए विशेष ध्यान दिया जायेगा। इस विषय में केंद, सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार भी गंभीर है।

कार्यशाला में निदेशक डा. दीपक मालवीय, नेशनल टास्क फोर्स के उपाध्यक्ष डा। राजेंद, प्रसाद, स्टेट टास्क फोर्स के अध्यक्ष डा। सूर्य कान्त, एस.टी.ओ.  डा. अलोक रंजन, टास्क फोर्स के उपाध्यक्ष डा। सुधीर चौधरी एवं कार्यशाला के आयोजक सचिव डा। मनीष कुमार सिंह सहित प्रदेश में स्थित 37 सरकारी एवं प्राइवेट मेडिकल कोलेजों के प्रतिनिधियों एवं विभिन्न जिलों में तैनात जिला क्षय रोग अधिकारियों समेत लगभग 125 लोग सम्मिलित हुए।

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