नई दिल्‍ली: आरपीएफ ने एक ऐसे दलाल को पकड़ा है जो अवैध तरीके से रेल टिकट सप्लाई करता था। जिसके पास से 90 लाख की ई टिकट बरामद हुए, जिसमें से ढाई लाख रुपए की वो टिकटें हैं जिन पर यात्रा होनी है, जो अक्टूबर और नवंबर की है। आरपीरफ के सीनियर अधिकारी शशि कुमार के मुताबिक दीपावली और छठ पूजा को देखते हुए, रेलवे के अवैध तरीके से टिकट बेचने वाले दलालों की धरपकड़ शुरू कर दी गयी है। कुछ दिन पहले जानकारी मिली कि एक शख्स ई-टिकटों की लगातार बुकिंग कर रहा है।

उसी बीच जानकारी मिली कि ये शख्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में कनोडिया टूर एंड ट्रैवल के नाम से ऑफिस चलाता है और हर किसी से 100 प्रतिशत कन्फर्म टिकट का दावा करता है और वहीं से ही इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहा है। तभी टीम ने IRCTC के साथ मिलकर 24 साल के नवीन कुमार कनोडिया को गाजियाबाद में उसके ऑफिस से गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद जब इसके ऑफिस के कंप्यूटर की जांच की गई तो तो टीम को नवीन के ऑफिस से करीब 2 लाख 65 हजार 317 रुपए की 199 वो टिकटें मिलीं जिन पर त्योहारों के दौरान यात्रा होनी है।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि ये अब तक 4 हजार 254 टिकट बुक कर चुका है जिसकी कीमत 90 लाख 25 हज़ार रुपये है। वह अब तक 486 टिकट फेक पर्सनल यूजर आईडी पर बुक करवा चुका है और टिकटों की बुकिंग के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था।

आरपीएफ ने बताया कि बिहार के मुजफ्फरपुर इलाके से इसके भाई गौतम कनोडिया को भी टिकट दलाली के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी नवीन ने आरपीएफ को बताया कि इन टिकटों को दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों को ऊंचे दामों पर बेचा जाना था। गैंग का मुखिया अवैध यूजर आईडी के जरिये टिकट बुकिंग करता है और टिकट की कीमत से 1000 रुपए ज्यादा में बेच देता है।

दूसरा तरीका था कि टिकट बुकिंग करवाने वाला शख्स इनके पास आता है और उसकी आईडी पर कई टिकट बुक कर देता है, फिर उन टिकटों को ज़्यादा कीमत पर बेच देता है। नवीन ने 63 आईडी के जरिये टिकटों की बुकिंग की थी। अब इन 63 आईडी को डिएक्टिवेट कर दिया गया है। अब आरपीएफ इसके और लोगों की तलाश कर रही है जो इस गोरखधंधे में शामिल हो सकते हैं।