उत्तर प्रदेश : हिंदी अधिवेशन तीन अन्तिम इटावा इस्लामिया इंटर कालेज के सवा सौ वर्षों के इतिहास में मुहम्मद तारिक ऐसे इकलौते शिक्षक, प्रधानाचार्य रहे हैं जो राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किए गये। 1988 मे जब कालेज का प्रधानाचार्य के तौर पर नियुक्त हुई तब वे दसवे प्रधानाचार्य रहे। कालेज से रिटार्यड होने के बाद मुहम्मद तारिक फिलहाल अपने गृहनगर अलीगढ जा पहुंचे है फिर भी इटावा के दिनो की यादे आज भी उनके जहन मे ताजा है।

देश के तीसरे राष्ट्रपति डॉ0 जाकिर हुसैन, पाकिस्तान के पूर्व शिक्षा मंत्री डा। महमूद हुसैन, हाकी खिलाडी हाजी याकूब खान, मशहूर फिल्मकार के। आसिफ, मशहूर कवि डा। बसीर बद्र, भारतीय हाकी कप्तान शकील अहमद, अर्जुन पुरस्कार सम्मानित हाकी खिलाडी देवेश सिंह चौहान, विवके गुप्ता कुछ ऐसे नाम है जिन्होने कालेज के नाम को रोशन करने मे अहम भूमिका अदा की।

इस्लामिंया स्कूल अपने आप मे कई इतिहास समेटे हुये है देश के नामी हिंदी सेवियों को सम्मानित करने वाली संस्था इटावा हिंदी सेवा निधि का वार्षिक समारोह भी इसी स्कूल के परिसर मे होता आ रहा है। जिसमे सैकड़ हिंदी सेवियों को सम्मानित किया जा चुका है, हिंदी सेवियों का सम्मान वो भी एक मुस्लिम संस्था मे,है ना वाकई मे सांप्रदायिक सदभाव का जोरदार नमूना देखने लायक होती है।

इटावा हिंदी सेवा निधि के सह संयोजक राजकुमार का कहना है कि जहॉ तक इस्लामिंया इंटर कालेज में निधि के समारोह की है अपनी स्थापना के चौथे साल से यह कार्यक्रम लगातार इसी कालेज परिसर मे हो रहा है। 1993 में स्थापित हिंदी सेवा निधि आज छब्बीसंवा समारोह मानने के दौर मे आ चुकी है जो अपने आप आप मे एक मिसाल है।