उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य सरकार बिना भेदभाव के समाज के हर तबके के विकास के लिये कार्य कर रही है। बहराइच तथा लखीमपुर-खीरी के वनटांगियां गांवों को भी शीघ्र राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की योजना पर काम किया जा रहा है। श्री योगी ने बुधवार को गोरखपुर के वनटांगियां गांव जंगल तिनकोनिया में कई परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास करते हुये कहा कि राज्य सरकार बिना भेदभाव के समाज के हर तबके के विकास के लिए कार्य कर रही है। हर गरीब के पास छत हो इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें आवास मुहैया कराये जा रहे हैं।

कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित नहीं रहेगा। कुष्ठ रोगियों को आवास मिलेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना से बचे हुए लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास से ही हमारे जीवन में खुशहाली आ सकती है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि महिला आत्मनिर्भर होंगी तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि वनटांगियां जाति बाहुल इन गांवों में 100 वर्षों के बाद नई खुशी आई है। वर्षों से इन गांवों के लोग विकास की योजनाओं से अछूते थे।

राजस्व ग्राम बन जाने से अब वनटांगियां गांव में सभी योजनाएं पहुंच रही हैं। इन गांवों में वृद्धावस्था के 61, विधवा के 27, दिव्यांग के 12, राशन कार्ड 424, शौचालय के 474, स्वयं सहायता के नौ समूह, मनरेगा के 292 जॉब कार्ड, इण्डिया मार्का के तीन हैण्डपम्प, नौ सोलर लाइट, प्राथमिक विद्यालय, 366 सौभाज्ञ योजना में विद्युत कनेक्शन से लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। इसके अतिरिक्त गांवों में 4.75 कि0मी0 खड़जा कार्य हुआ है। योगी ने कहा कि इसी तरह प्रदेश के सभी वनटांगियां गांवों में इन योजनाओं से लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। महराजगंज के 18, बलरामपुर के पांच, गोण्डा के पांच तथा गोरखपुर के पांच वनटांगियां को राजस्व गांव का दर्जा दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बहराइच और लखीमपुर खीरी के वनटांगियां गांव को भी राजस्व गांव का दर्जा देने की दिशा में कार्य चल रहा है।

इन गांवों में बड़ आबादी रहती है, लेकिन उन्हें कोई मूलभूत सुविधा प्राप्त नहीं थी। पिछले एक वर्ष के दौरान इन गांवों में शासकीय योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में निरन्तर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि आत्रादी के 70 वर्षों से राजस्व गांव की मांग इन वनटांगियां गांवों के निवासियों द्वारा की जा रही थी, जिसे प्रदेश सरकार ने पूरा करते हुए इन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़कर उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कर रही है।