BREAKING NEWS

'काली' पोस्टर के बाद डायरेक्टर लीना ने किया नया Tweet, BJP बोली- यह जानबूझकर उकसावे का मामला◾PM मोदी आज वाराणसी में अखिल भारतीय शिक्षा समागम का करेंगे उद्घाटन ◾आज का राशिफल ( 07 जुलाई 2022)◾नकवी और आरसीपी सिंह ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा ; स्मृति ईरानी बनीं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, सिंधिया को मिला इस्पात मंत्रालय◾एकनाथ शिंदे ने शरद पवार से मुलाकात का किया खंडन ◾दक्षिणी राज्यों की चार दिग्गज हस्तियां राज्यसभा के लिये मनोनीत◾देवी काली विवाद : Twitter ने निर्देशक का Tweet हटाया, महुआ मोइत्रा के खिलाफ FIR दर्ज◾PM मोदी 12 जुलाई को देवघर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, एम्स का करेंगे उद्घाटन ◾राष्ट्रपति ने नकवी और इस्पात मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह के इस्तीफे को किया मंजूर◾Lalu Yadav Health : लालू को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली के एम्स लाया जा रहा है - तेजस्वी ◾'भारत में रोजाना विमान संबंधी करीब 30 घटनाएं घटती हैं, अधिकतर में कोई सुरक्षा संबंधी परिणाम नहीं'◾ शिवसेना की टीम ठाकरे ने लोकसभा में बदला पार्टी का चीफ व्हिप, भावना गवली की जगह राजन विचारे हुए नामित◾COVID-19: कोविड-19 टीके की दूसरी एवं एहतियाती खुराक के बीच अंतराल घटाकर छह माह किया गया◾ Farooq Abdullah News: अपने घर रखना... 'हर घर तिरंगा' के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला का अजीबों खरीब बयान◾Kerala resigns News: केरल के मंत्री साजी चेरियन ने मुख्यमंत्री को दिया अपना इस्तीफा, जानें- ऐसा क्यों किया? ◾ Rajasthan Politics: राजस्थान में चढ़ा सियासी पारा, अशोक गहलोत ने बताया क्यों कहते हैं सचिन पायलट को 'निकम्मा'◾LPG Price Hike: जनता के बजट पर महंगाई का बुलडोजर चला रही केंद्र....., कांग्रेस ने साधा BJP पर निशाना ◾Shiv Sena Crisis: शिंदे होंगे बाला साहेब के उत्तराधिकारी? बागी विधायक ने किया बड़ा दावा, जानें क्या कहा ◾ मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह ने कैबिनेट पद से किया रिजाइन, PM मोदी से मुलाकात बाद लिया ये फैसला◾पीएम बोरिस जॉनसन की सरकार को जोरदार झटका! मंत्रियों ने छोड़े अपने पद, जानें- इसके पीछे की मिस्ट्री◾

योगी ने राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की, कहा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सरकार आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की दिशा में बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रही है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने राष्ट्रीय पोषण माह-2021 की शुरुआत की। 

यहां लोक भवन (मुख्‍यमंत्री कार्यालय) के सभागार में राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, ''कोरोना काल में जब अच्‍छे-अच्‍छे लोग पृथकवास में घर में बंद हो गये थे तो आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लोगों के गांव-गांव घर-घर जाकर दवाएं उपलब्‍ध करा रही थीं और अगर निगरानी समितियों के माध्‍यम से ये लोग यह कार्य नहीं करते तो उप्र में कोरोना की स्थिति को संभालना कठिन हो जाता।''

योगी ने कहा कि '' इनके अच्‍छे कार्य को ध्‍यान में रखकर ही सरकार ने निश्चित किया कि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाने का काम करेंगे और सरकार उस दिशा में बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ रही है। विभाग इसकी कार्य योजना तैयार कर रहा है। साथ ही विभाग को मैंने यह भी कहा है कि इनका जो पिछला बकाया है उसका तत्काल भुगतान करने की व्यवस्था कर दें।''मुख्‍यमंत्री ने कहा, ''इस बात पर गौरव की अनुभूति कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस देश को एक नयी दृष्टि दी है । उस दृष्टि के क्रम में अगर एक समर्थ और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करना है तो यह सोचना है कि अगर मां कुपोषित है तो बच्चा कभी सुपोषित नहीं हो सकता है।''

उन्होंने कहा कि '' इसलिए मां के स्वास्थ्य पर ध्यान देना और अगर किन्हीं कारणों से बच्चा कुपोषित हो गया है तो उस पर भी ध्यान देना, इसी बात को ध्‍यान में रखकर 2018 से सितंबर माह में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाता है और आज चौथे राष्ट्रीय कुपोषण माह से हम सब जुड़ रहे हैं।''

योगी ने कहा कि स्वाभाविक रूप से समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में, एक मां स्वस्थ हो और एक बच्चा स्वस्थ हो, प्रधानमंत्री की यह सोच इस राष्‍ट्रीय मिशन से जुड़ी है क्योंकि मां कुपोषित होती तो एक परिवार की समस्या नहीं है, यह चुनौती पूरे समाज और देश के लिए होती है।

कुपोषित माताओं के लिए सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 2500 कुपोषित माताओं को गाय और गाय के लालन-पालन के लिए प्रति माह नौ सौ रुपये दिये जा रहे हैं। उन्‍होंने पोषण माह में इस अभियान को और गति देने की अधिकारियों से अपेक्षा की।राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि मातृ स्वरूपा राज्यपाल की इस क्षेत्र में रुचि है और उन्होंने वाराणसी, कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में जाकर पोषण मिशन को आगे बढ़ाने के लिए अनेक प्रयोग किये हैं।

राज्यपाल हमेशा इस बात के लिए चिंतित रहती हैं कि बहुत से आंगनबाड़ी केंद्र प्रदेश में किराये के भवन में चलते हैं और आज प्रसन्नता है कि 529 आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन हुआ है।उन्होंने कहा कि ''हमलोगों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की जो प्राथमिकताएं तय की हैं उन प्राथमिकताओं में आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना स्वयं का भवन हो और उसके लिए भूमि के आवंटन की कार्रवाई को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के लिए इसे मिशन मोड में लेकर चलने का प्रयास होना चाहिए और इसे अभियान के रूप में आगे बढ़ाना चाहिए।''

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि ''हम लोगों का प्रयास था कि 2020 से सभी आंगनबाड़ी केंद्र और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय आसपास चलें। आंगनबाड़ी को प्री-प्राइमरी के रूप में आगे बढ़ाने की कार्यवाही हो और जो तीन वर्ष के बच्चे होते हैं वह आंगनबाड़ी में आना प्रारंभ करते हैं और पांच वर्ष तक जब वे जुड़ते हैं तो उन बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के साथ स्कूली पाठ्यक्रम में उनकी रुचि बढ़ाने का कार्यक्रम चलाना था लेकिन कोरोना महामारी के चलते कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में समस्‍या उत्‍पन्‍न हुई।''

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की उपयोगिता बताते हुए कहा कि निचले स्‍तर पर हर सूचना इनके जरिये सरकार के पास आ सकती है।इस मौके पर राज्‍यपाल और मुख्‍यमंत्री ने नवनिर्मित 529 आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मुख्य सेविकाओं तथा बाल विकास परियोजना अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया तथा 10 नवनियुक्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किया।

महबूबा मुफ्ती का केंद्र पर आरोप- मुझे घर में कर दिया गया है नजरबंद