अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह के काफिले पर राजधानी काबुल में बम से हमला हुआ है। अमरुल्ला सालेह हमेशा से ही तालिबान और पाकिस्तान के कट्टर आलोचक रहे हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने डूरंड लाइन का मुद्दा उठाया था। हमले के बाद सालेह के मीडिया ऑफिस के प्रमुख रजवान मुराद का कहना है कि ये आतंकवादी हमला विफल रहा और सालेह सुरक्षित और ठीक हैं।
हालांकि इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है और 12 लोग घायल हो गए हैं। उपराष्ट्रपति सालेह के बेटे एबाद सालेह ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं आश्वासन देना चाहता हूं कि मैं और मेरे पिता दोनों ही सुरक्षित हैं और हमारे साथ का कोई भी व्यक्ति शहीद नहीं हुआ है। सब लोग सुरक्षित हैं।’
हमला उस वक़्त हुआ जब अमरतुल्लाह सालेह का काफिला जब उपराष्ट्रपति के कार्यालय में प्रवेश कर रहा था, उसी रास्ते में पुल के नीचे बम लगया गया था। IED इतना शक्तिशाली था कि आस-पास की दुकानों में गैस सिलिंडर विस्फोट के कारण फट गए।
बता दें कि आज ही के दिन 19 साल पहले तालिबान के विरोधी नेता रहे अहमद शाह मसूद की भी हत्या कर दी गई थी। माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे तालिबान और पाकिस्तान के आतंकी गुटों का हाथ हो सकता है।


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