BREAKING NEWS

ब्राजील के राष्ट्रपति ने कोरोना को लेकर PM मोदी को लिखी चिट्ठी, भारत की मदद को बताया संजीवनी◾हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के निर्यात को मंजूरी मिलने के बाद बदले ट्रंप के सुर, PM मोदी को बताया महान◾देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5194 हुई, अबतक 149 लोगों की मौत ◾कोरोना वायरस को लेकर CM केजरीवाल राज्यसभा और लोकसभा सांसदों के साथ करेंगे बैठक◾PM मोदी ने भारतीय-अमेरिकी पत्रकार ब्रह्मा कांचीबोटला के निधन पर जताया शोक, कोविड-19 से हुआ निधन◾Covid-19 : PM मोदी आज लोकसभा और राज्यसभा के फ्लोर लीडर्स के साथ करेंगे बातचीत ◾अमेरिका में कोरोना के प्रकोप के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने की WHO के वित्त पोषण पर रोक लगाने की घोषणा◾Coronavirus : चीन के वुहान में 76 दिन के बाद खत्म हुआ लॉकडाउन ◾लॉकडाउन: दिल्ली पुलिस ने शब-ए-बारात के मद्देनजर मौलवियों, धार्मिक नेताओं से संपर्क साधा ◾ISIS आतंकी समूह ने सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी ली ◾कांग्रेस आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में शामिल, सोनिया कर रहीं जनता को गुमराह: भाजपा ◾नोएडा सेक्टर 8 में कोरोना संदिग्ध मिलने के चलते 28 परिवारों के 240 से ज्यादा लोग एहतियातन क्वारंटाइन किए गए ◾कोविड-19 : महाराष्ट्र में कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 1 हजार के पार◾दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान को किया गया बंद, अस्पताल के कई कर्मचारी COVID-19 से संक्रमित◾हरियाणा में कोरोना के 23 नए मामलें आये सामने, राज्य में संक्रमितों कि संख्या बढ़कर 119 हुई ◾जम्मू-कश्मीर में COVID-19 से एक और व्यक्ति की मौत, अब तक125 लोग संक्रमित◾coronavirus : 24 घंटे में कोविड-19 के 354 नए मामलें आये सामने, संक्रमितों की संख्या 4421 हुई◾राज्य सरकारों के अनुरोध पर बढ़ सकती है लॉकडाउन की अवधि, केंद्र कर रही है विचार◾कोरोना को मात देने के लिए केजरीवाल सरकार ने बनाई खास '5T' योजना, होगा महामारी का सफाया◾कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने PM मोदी को लिखा पत्र, कोविड-19 से निपटने की दी सलाह◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaLast Update :

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

87 साल बाद पाक ने सार्वजनिक किए भगत सिंह के सभी दस्तावेज, सामने आईं अनोखी बातें

पाकिस्तान की सरकार ने 87 साल बाद भगत सिंह के केस से जुडी सभी फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है। इस केस से जुड़ी कुछ फाइलें हफ्ते की शुरआत में ही सार्वजनिक कर दी गई थीं। पंजाब सरकार ने भगत सिंह की फांसी के 87 साल गुजर जाने के बाद यह फैसला लिया था।

23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को लाहौर जेल में फांसी दी गई थी। बता दें कि इन दस्तावेजों में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के पोस्टर, भगत सिंह को समर्पित किताबें और कविताएं, रिवॉल्वर बरामदगी से जुड़ी रिपोर्ट की कॉपियां और कई अन्य दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए हैं।

भगत सिंह की सजा के खिलाफ उनके पिता सरदार किशन सिंह की कोर्ट में दाखिल की गई याचिका को पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया था। जेल निरीक्षक द्वारा बनाए गए उनके मुत्यु प्रमाण पत्र को भी सार्वजनिक किया गया है और जेल में किताबों और अखबार मुहैया कराने की मांग के लिए भगत सिंह के पत्र को भी पब्लिक किया गया है। दस्तावेजों में भगत सिंह से जुड़ी एक अनोखी बात भी सामने आई है। वे अपने पत्रों में आपका आभारी या आज्ञाकारी लिखने की जगह आपका आदि, आदि लिखा करते थे।

आपको बता दे कि शहीदे ए आजम भगत सिंह का जन्‍म पाकिस्‍तान के लायलपुर में हुआ था। भारत के साथ-साथ पाकिस्‍तान में भी उनको क्रांतिकारी नायक का दर्जा दिया जाता है। इसी कड़ी में पाकिस्‍तान में पंजाब सरकार ने कहा कि वह भारत और पाकिस्‍तान दोनों के ही हीरो हैं। इसको इस तरह से भी समझा जा सकता है कि पाकिस्‍तान में उनको वहां के सर्वोच्‍च वीरता सम्‍मान निशान-ए-हैदर दिए जाने की मांग उठी है। बता दें कि पाकिस्‍तान में एक भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन की स्‍थापना की गई है।

शहीद ए आजम भगत सिंह को सिर्फ 23 साल की उम्र में लाहौर में 23 मार्च,1931 को अंग्रेजों ने फांसी पर लटका दिया था। उन पर अंग्रेज सरकार के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में केस चलाया गया। ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सैंडर्स की हत्या के मामले में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू के खिलाफ केस दाखिल किया गया था।

23 मार्च 1931 की रात भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की देश-भक्ति को अपराध की संज्ञा देकर फांसी पर लटका दिया गया। फांसी के लिए 24 मार्च की सुबह तय की गई थी, लेकिन किसी बड़े जनाक्रोश की आशंका से डरी हुई अंग्रेज़ सरकार ने 23 मार्च की रात्रि को ही इन क्रांति-वीरों की हत्या कर रात के अँधेरे में ही लाहौर से काफी दूर फिरोजपुर जिले के हुसैनीवाला गांव के नजदीक सतलुज नदी के किनारे इन्हें जलाने का प्रयास किया जिसे सुबह होने तथा स्थानीय लोगों के आ जाने से अधजली लाश को छोड़कर अंग्रेजों को भाग जाना पड़ा। इसी स्थान पर बाद में सम्मान पूर्वक उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी स्मृति में आज वहां एक भव्य स्मारक स्मारक बना है। जहां देश भर के लोग उन्हें श्रद्धा सुमन भेंट करने प्रतिदिन आते हैं।

देश और दुनिया का हाल जानने के लिए जुड़े रहे पंजाब केसरी  के साथ।