BREAKING NEWS

कोरोना वायरस से निपटने के लिए PM मोदी की माता जी ने दिए 25 हजार रुपये◾Covid-19 को लेकर प्रियंका का ट्वीट , कहा - कांग्रेस सरकारों का इंतजाम शानदार ◾गृह मंत्रालय का बयान - इस साल तबलीगी गतिविधियों के लिये 2100 विदेशी भारत आए◾कोविड-19 के देशभर मे फैलने की आशंका, निजामुद्दीन से जुड़े संदिग्ध मामलों की देशभर में तलाश शुरू◾ITBP के जवानों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए पीएम राहत कोष में दिया एक दिन का वेतन ◾सरकार ने विदेशी तब्लीगी कार्यकर्ताओं को पर्यटन वीजा देने पर लगाई रोक ◾Covid 19 का कहर जारी : देश में कोरोना के 227 नये मामले आये सामने, पिछले 24 घंटों में तीन और मौतें◾महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 82 नए मामले आये सामने , मरीज़ों की तादाद 300 के पार◾निजामुद्दीन मुद्दे पर योगी सरकार एक्शन में ,तबलीगी जमात के 157 लोगों में से 95 प्रतिशत की हुई पहचान ◾तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने भी प्रधानमंत्री राहत कोष में दी सहायता राशि, PM को पत्र लिख कर दिया समर्थन ◾कोरोना का कहर : यूपी में संक्रमितों की संख्या 100 के पार, नोएडा में सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज◾कोरोना तबाही : दुनियाभर में सख्ती से लॉकडाउन लागू, मरने वालों का आंकड़ा 39 हजार के पार ◾निजामुद्दीन मरकज मामले में प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज, जांच के लिए मामला अपराध शाखा को सौंपा गया ◾मरकज पर CM केजरीवाल ने दिखाई सख्ती, कहा- लापरवाही होने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा◾निजामुद्दीन मरकज मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- यह समय कमियां खोजने का नहीं बल्कि कार्रवाई करने का है◾कोरोना वायरस : मध्य प्रदेश में 17 नए मामलों की पुष्टि, मरीजों की संख्या 64 हुई◾दिल्ली : मोहल्ला क्लिनिक के एक और डॉक्टर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, प्रशासन ने चस्पा किए नोटिस◾प्रवासी मजदूरों के पलायन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कमेटी बनाने का दिया निर्देश◾तबलीगी जमात के मरकज में शामिल होने वाले विदेशियों के वीजा में मंत्रालय ने पाई गड़बड़ियां◾तबलीगी जमात के मरकज में आए 24 लोगों में कोरोना की पुष्टि, 1500 से 1700 लोग हुए थे शामिल◾

बांग्लादेश की PM शेख हसीना बोलीं- CAA और एनआरसी भारत का 'आंतरिक मामला'

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को भारत का आंतरिक मामला करार दिया, लेकिन इसी के साथ यह भी कहा कि कानून आवश्यक नहीं था। सीएए के मुताबिक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना की वजह से 31 दिसंबर 2014 तक वहां से भारत आए हिंदू, जैन, सिख, पारसी, बौद्ध और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी। इस विवादित कानून के खिलाफ भारत में कई जगहों पर प्रदर्शन चल रहे हैं।

हसीना ने भारत के नए नागरिकता कानून के संदर्भ में कहा, "हम नहीं समझ रहे हैं कि क्यों (भारत सरकार ने) ऐसा किया। यह जरूरी नहीं था।" उनका यह बयान बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमेन के उस बयान के बाद आया है कि सीएए और एनआरसी भारत के आंतरिक मामले हैं, लेकिन इस बात पर चिंता जाहिर की थी कि वहां किसी भी तरह की 'अनिश्चितता' का पड़ोस पर असर होगा। 

सूत्रों ने कहा कि बांग्लादेश की 16.1 करोड़ आबादी में 10.7 फीसद हिंदू और 0.6 फीसद बौद्ध हैं , तथा उसने धार्मिक उत्पीड़न की वजह से किसी के भी भारत जाने से इनकार किया है। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबु धाबी में हसीना ने यह भी कहा कि भारत से भी लोगों के बांग्लादेश पलायन करने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "नहीं, भारत से पलट कर कोई प्रवासी नहीं आ रहे। लेकिन भारत के अंदर, लोग कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।" हसीना ने कहा, "(तो भी), यह एक आंतरिक मामला है।"

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने कहा, "बांग्लादेश ने हमेशा यह कहा है कि सीएए और एनआरसी भारत के आंतरिक मामले हैं। भारत सरकार ने भी अपनी तरफ से बार-बार दोहराया है कि एनआरसी भारत की एक अंदरूनी कवायद है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से अक्टूबर 2019 के मेरे नई दिल्ली के दौरे के दौरान मुझे इसे लेकर आश्वस्त किया था।" उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत के रिश्ते मौजूदा दौर में सर्वश्रेष्ठ हैं और "व्यापक क्षेत्रों में" सहयोग हो रहा है।