BREAKING NEWS

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कालकाजी मंदिर से अतिक्रमण व अनधिकृत कब्जा हटाने का आदेश दिया◾योगी सरकार के नए मंत्रियों के विभागों का हुआ बंटवारा, जितिन को मिली प्राविधिक शिक्षा की जिम्मेदारी◾उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त मंत्रियों को बांटे विभाग◾DRDO को मिली सफलता ‘आकाश प्राइम’ मिसाइल का किया सफल परीक्षण◾BSP के राष्ट्रीय महासचिव कुशवाहा ने की अखिलेश से मुलाकात, UP चुनाव से पहले थाम सकते है SP का दामन◾UNGA की आम चर्चा को संबोधित नहीं करेंगे अफगानिस्तान और म्यामां: संयुक्त राष्ट्र ◾वित्तीय संकट के चलते अभिभावकों का CBSE को लिखा पत्र, तीन लाख छात्रों की फीस माफ करने की मांग ◾भवानीपुर में दिलीप घोष से धक्का-मुक्की पर चुनाव आयोग सख्त, ममता सरकार से रिपोर्ट मांगी ◾भारत बंद के आह्वान को अभूतपूर्व और ऐतिहासिक प्रतिक्रिया मिली : संयुक्त किसान मोर्चा ◾गरीबों को किराया देने की घोषणा पर केजरीवाल सरकार का यू-टर्न, HC में कहा - वादा नहीं किया था ◾खत्म हुआ किसानों का भारत बंद, 10 घंटे बाद खुले दिल्ली-एनसीआर के सभी बॉर्डर ◾महंत नरेंद्र गिरि मौत मामला : 7 दिन की सीबीआई रिमांड में भेजे गए आनंद गिरी व दो अन्य ◾महिलाओं के बाद अब पुरुषों के लिए तालिबान का फरमान- दाढ़ी बनाना और ट्रिम करना गुनाह, लगाई रोक ◾नए संसद भवन का दौरा करने पर कांग्रेस ने मोदी को घेरा, कहा- काश! PM कोरोना की दूसरी लहर के दौरान किसी अस्पताल जाते ◾भवानीपुर उपचुनाव प्रचार के आखिरी दिन लहराईं बंदूकें, BJP का आरोप- TMC ने दिलीप घोष पर किया हमला ◾किसानों के 'भारत बंद' को लेकर देश में दिखी मिलीजुली प्रतिक्रिया, जानिए किन हिस्सों में जनजीवन हुआ बाधित ◾CM बिप्लब देब का विवादित बयान, बोले- अदालत की अवमानना से न डरें अधिकारी, पुलिस मेरे नियंत्रण में है◾पाकिस्तान: ग्वादर में जिन्ना की प्रतिमा को बम से उड़ाया, बलोच ने ली हमले की जिम्मेदारी ◾भारत बंद के दौरान सिंघू बॉर्डर पर किसान की हुई मौत, पुलिस ने हार्ट अटैक को बताई वजह ◾टिकैत ने सरकार पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, कहा- किसानों की बात सुनने के लिए मजबूर करेगा भारत बंद◾

चीन ने भारत के साथ सीमा गतिरोध को द्विपक्षीय मुद्दा बताया, अमेरिकी रणनीति की निंदा की

चीन ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में उसका सीमा गतिरोध एक द्विपक्षीय मुद्दा है तथा अमेरिका को अपनी हिन्द-प्रशांत रणनीति को ‘‘रोकना’’ चाहिए क्योंकि यह क्षेत्र में अमेरिका का प्रभुत्व थोपने का प्रयास है। चीन के विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ द्वारा भारत को यह आश्वासन दिए जाने के एक दिन बाद आई है कि नयी दिल्ली की संप्रभुता के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में अमेरिका भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।

पोम्पिओ की यह टिप्पणी नयी दिल्ली में तीसरे भारत-अमेरिका संवाद के बाद आई जिसमें दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा विवाद और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर प्रमुखता से चर्चा की। भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंधों के अमेरिका के प्रयोजन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘चीन और भारत के बीच सीमा संबंधी मामले दो देशों के बीच के मामले हैं।’’

बगहा रैली में राहुल गांधी का पीएम पर वार - 'झूठ बोलने में नरेंद्र मोदी का कोई मुकाबला नहीं'

उन्होंने गतिरोध के समाधान के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य तथा कूटनीतिक स्तर की वार्ता के संदर्भ में कहा, ‘‘सीमा पर स्थिति अब सामान्य तौर पर स्थिर है और दोनों पक्ष प्रासंगिक मुद्दों का वार्ता एवं चर्चा के जरिए समाधान कर रहे हैं।’’

चीन की तीखी निन्दा करते हुए पोम्पिओ ने गलवान घाटी में 20 भारतीय जवानों के बलिदान का उल्लेख किया था और कहा था कि भारत की संप्रभुता के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में अमेरिका मजबूती से नयी दिल्ली के साथ खड़ा है।

पोम्पिओ ने कल यह भी कहा था, ‘‘हमारे नेता और नागरिक स्पष्ट तौर पर यह मानते हैं कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) लोकतंत्र, पारदर्शिता के कानून के शासन की पक्षधर नहीं है...मैं यह कहने में प्रसन्नता महसूस करता हूं कि अमेरिका और भारत न सिर्फ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से उत्पन्न खतरों, बल्कि सभी तरह के खतरों से निपटने के लिए हमारे सहयोग को मजबूत करने के लिए कदम उठा रहे हैं।’’

वांग ने अमेरिका की हिन्द-प्रशांत अवधारणा की निन्दा की और कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा प्रस्तावित हिन्द-प्रशांत रणनीति गुजर चुकी शीतयुद्ध मानसिकता और टकराव तथा भू-राजनीतिक खेल का प्रचार कर रही है। यह अमेरिका का प्रभुत्व थोपने पर केंद्रित है।

यह क्षेत्र के साझा हितों के विपरीत है और हम अमेरिका से इसे रोकने का आग्रह करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्रीय विकास के लिए कोई भी अवधारणा शांतिपूर्ण विकास और सभी को लाभ प्रदान करनेवाले सहयोग के लिए समय के अनुरूप होनी चाहिए।’’