BREAKING NEWS

PFI से पहले RSS पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए था - लालू◾IND vs SA (T20 Match) : भारत ने पहले टी20 मैच में दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट से हराया◾Ukraine crisis : यूक्रेन संकट का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए ‘घोर चिंता’ का विषय - भारत◾Uttar Pradesh: फरार नेता हाजी इकबाल की अवैध खनन से अर्जित करोड़ों की सम्पत्ति कुर्क◾कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : प्रियंका संभाले पार्टी की कमान, सांसद खालिक ने दिया बेतुका तर्क ◾सीडीएस नियुक्ति :चौहान ने सर्जिकल स्ट्राइक में निभाई थी अहम भूमिका, रिटायर होने के बाद भी केंद्र ने सौंपी जिम्मेदारी ◾महंगाई की जड़ 'मोदी'! कांग्रेस का BJP पर कटाक्ष- केंद्र की दमन नीतियों के कारण गरीब का हो रहा शोषण ◾रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान होंगे देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ◾पाकिस्तान में चीनी नागरिक की हत्या, डेंटल क्लीनिक में मरीज बनकर दाखिल हुआ था हमलावर ◾केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संगठन पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय को स्वीकार करते है: PFI ◾पीएम मोदी ने कहा- 80 करोड़ लोगों को गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार से मिलेगा फायदा◾गुजरात विधानसभा चुनाव : हीरा कारोबारी ने जॉइन की बीजेपी, पूर्व में कर्मचारियों को 'आप' से दूर रहने के लिए कहा था ◾Gold today Price: खुशखबरी-खुशखबरी! त्यौहारों से पहले सस्ता हुआ सोना, फटाफट इतने में खरीदे 10gm Gold ◾कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में दिग्विजय सिंह की एंट्री, मुकाबला कड़ा होने की आशंका ◾गुलाम अली, बिप्लब देब ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली◾Malali Masjid dispute: मस्जिद VS मंदिर! मलाली मस्जिद पर अदालत 17 oct को सुनाएगी फैसला, जानें मामला ◾श्रीलंका से भारत तक खूनी कृत्यों में लिप्त हैं पीएफआई, जघन्य आतंकी घटनाओं में रहा हैं शामिल ◾10 हजार करोड़ के निवेश से बदलेगी दिल्ली समेत तीन प्रमुख रेलवे स्टेशनों की काया, सरकार ने तैयार किया प्लान◾AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को एक लाख के निजी बॉन्ड पर मिली जमानत◾मुख्तार अब्बास नकवी का आरोप, बोले: कुछ लोग PFI पर प्रतिबंध को लेकर भी कर रहे सियासी नुकसान का गुणा-भाग ◾

चीन ने गलवान घाटी पर किया दावा, कहा- भारतीय सेना ने LAC पार कर चीनी सेना पर किया हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यह कहने के बाद कि भारतीय जमीन पर कोई विदेशी घुसपैठ नहीं है, चीन ने एक बार फिर केंद्र शासित लद्दाख के गलवान घाटी पर अपना दावा किया है तथा आरोप लगाया कि 15 जून को भारत के अग्रिम सैन्य बलों ने जानबूझ कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पार करके चीनी सैनिकों पर हमला किया था जिसके बाद हुए घमासान संघर्ष में अनेक हताहत हुए। गौरतलब है कि सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिजियान झाओ ने ट्विटर पर घाटी की घटना को लेकर आठ बिन्दुओं में चीनी दृष्टिकोण को रखा है। इसके माध्यम से चीन ने यह संकेत दिया है कि वह घाटी में पीछे नहीं हटेगा और आगे भी सैन्य संघर्ष के लिए तैयार है। लीजियान ने कहा है कि गलवान घाटी भारत- चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से में एलएसी पर चीन की ओर है। उन्होंने कहा, “कई सालों से चीन सीमा के सैनिक क्षेत्र में गश्त करते रहे हैं और ड्यूटी पर रहे हैं।”

झाओ ने आरोप लगाया कि इस साल अप्रैल से एकतरफा कदम उठाते हुए गलवान घाटी में एलएसी पर भारतीय सैनिकों ने लगातार सड़कें, पुल और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया है। झाओ ने कहा कि चीन ने कई बार भारत से शिकायत की लेकिन भारत ने और उकसाने वाला कदम उठाते हुए एलएसी को पार कर डाला।

उन्होंने कहा कि एलएससी पार कर चीन क्षेत्र में आ गए भारतीय सैनिकों ने 6 मई की सुबह तक किलेबंदी कर दी और बैरिकेड लगा दिए जिससे सीमा पर तैनात चीनी सैनिकों के गश्त में व्यवधान पड़ा। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने जानबूझकर उकसाने वाला कदम उठाया जिसने चीन के सैनिकों को परिस्थिति से निपटने के लिए कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

LAC मुद्दे पर मोदी का बयान भटकाने वाला, क्या PM ने चीन को दे दिया क्लीन चिट : कांग्रेस

झाओ ने कहा कि शांति बहाल करने के लिए चीन और भारत ने सैन्य और कूटनीतिक चैनलों के जरिए बात की। उन्होंने कहा, “चीन की मजबूत मांगों के प्रतिक्रियास्वरूप भारत एलएसी पार करने वाले अपने सैनिकों को वापस बुलाने और बनाई गई सुविधाओं को ध्वस्त करने के लिए तैयार हो गया और उन्होंने ऐसा ही किया।” झाओ ने कहा कि 6 जून को कमांडर लेवल की मीटिंग में सहमति बनी कि दोनों पक्ष जमीन पर मौजूद कमांडरों की बैठक के बीच चरणबद्ध तरीके से अपनी सेनाएं हटाएंगे।

उन्होंने कहा कि 15 जून की रात को कमांडर स्तर की बैठक में हुए समझौते का उल्लंघन करते हुए भारतीय सैनिकों ने उकसावे वाली कार्रवाई को करते हुए एक बार फिर एलएसी पार किया और वार्ता करने के लिए उनके पास गए चीनी सैनिकों और अधिकारियों पर हिंसक हमला किया, जिससे सैनिक हताहत हुए।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के इस कदम ने सीमा विवाद पर दोनों पक्षों के बीच हए समझौते और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन किया है। झाओ ने कहा कि चीन आशा करता है कि भारत चीन के साथ काम करेगा और दोनों सरकारों के बीच हुए समझौतों का पालन करेगा।