BREAKING NEWS

भारत बंद : कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर समेत दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाइवे को किसानों ने किया जाम◾दस साल तक प्रदर्शन के लिए तैयार हैं, लेकिन कृषि कानूनों को लागू नहीं होने देंगे : राकेश टिकैत◾संयुक्त किसान मोर्चा की सोमवार को भारत बंद के दौरान शांति की अपील, कई राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन◾मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने विधानसभा चुनाव को लक्ष्य कर जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधा◾दिग्विजय सिंह ने RSS संचालित सरस्वती शिशु मंदिर के खिलाफ दिया विवादित बयान◾PM मोदी ने नए संसद भवन के निर्माण स्थल का किया दौरा ◾RCB vs MI : पटेल की हैट्रिक और मैक्सवेल के शानदार प्रदर्शन से आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को 54 से हराया◾अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को ‘एसबीआई जैसे’ 4-5 बैंकों की जरूरत : सीतारमण◾आरएसएस से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिका 'पांचजन्य' ने अमेजन को 'ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0' बताया◾‘भारत बंद’ से पहले दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ायी, अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की◾गन्ना खरीद मूल्य 350 रुपये किए जाने पर प्रियंका का CM योगी पर तंज, कहा- किसानों के साथ किया धोखा◾पारंपरिक पोशाक पहनने वालों को प्रवेश नहीं देने वाले रेस्तरां के खिलाफ हो कार्रवाई : कांग्रेस◾बिहार : CM नीतीश कुमार बोले- राष्ट्र हित में है जातिगत जनगणना◾UP: योगी कैबिनेट में शामिल हुए 7 नए मंत्री, इन विधायकों ने ली शपथ◾पंजाब : चन्नी कैबिनेट में शामिल हुए 15 नए चेहरे, जाने किसको मिली जगह तो किसका कटा पत्ता ◾योगी सरकार का किसानो के लिए बड़ा फैसला, गन्ने का समर्थन मूल्य 325 रूपए से बढ़ाकर 350 किया ◾MP में एक व्यक्ति की अजीबोगरीब मांग, कहा- प्रधानमंत्री की मौजूदगी में ही लगवाउंगा वैक्सीन ◾स्वास्थ्य मंत्री ने AIIMS के डॉक्टरों का बड़े पैमाने पर तबादले वाली खबरों का बताया गलत, कही ये बात ◾पंजाब : मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कांग्रेस नेताओं ने नवजोत सिंह सिद्धू को लिखा पत्र, जानिए क्या है मामला ◾भारत ने रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए आस्ट्रेलिया को 2 विकेट से दी मात, कंगारू टीम के 26 मैचों के अजेय अभियान को रोका◾

इजराइल, हमास के बीच संघर्ष हुआ और खतरनाक, अब तक 83 फलस्तीनियों की हुई मौत

हमास ने इजराइल के शहरों को निशाना बनाते हुए बृहस्पतिवार को कुछ मिनटों के अंदर कई रॉकेट दागे वहीं इजराइल ने भी गाजा पर हमले तेज कर दिए हैं। गाजा में लड़ाई बढ़ने के बीच संघर्ष विराम पर वार्ता के प्रयासों के तहत इजराइल के अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए मिस्र का एक प्रतिनिधिमंडल तेल अवीव पहुंच गया है।

इजराइल और गाजा के हमास शासकों के बीच संघर्ष 2014 की जंग से भी बड़े स्तर पर फैल चुका है। पहले संघर्ष फलस्तीन क्षेत्र और सीमा पर बसे इजराइली समुदायों वाले इलाके तक सीमित था लेकिन इस बार यह लड़ाई यरुशलम में शुरू हुई है।कुछ रॉकेट तेल अवीव क्षेत्र को भी निशाना बनाकर दागे गए। इजराइल में भी बड़े स्तर पर हिंसा छिड़ गयी है। कई शहरों में अरब और यहूदियों की भीड़ सड़कों पर आकर उपद्रव कर रही है, लोगों से बुरी तरह मारपीट कर रही है। भीड़ ने कई वाहनों में भी आग लगा दी। हिंसा के कारण देश के मुख्य हवाई अड्डे से उड़ानें भी निलंबित कर दी गयी है।

संघर्ष के कारण फलस्तीन के लोगों के लिए मातम के साथ रमजान के पवित्र महीने का समापन हुआ है। सोमवार से रॉकेट दागे जाने के बाद से इजराइल ने गाजा में तीन बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया और कहा कि इसमें हमास के कई दफ्तर थे।गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 17 बच्चों और सात महिलाओं समेत 83 फलस्तीनियों की मौत हुई है और 480 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। इस्लामी जेहादियों ने सात उग्रवादियों के मारे जाने की पुष्टि की है। हमास ने स्वीकार किया है कि उसके एक शीर्ष कमांडर और कई अन्य सदस्यों की मौत हुई है। वहीं, इजराइल ने कहा है कि हमास ने जितने लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है उससे ज्यादा की मौत हुई है।

इजराइल में भी सात लोगों की मौत हुई है। टैंक रोधी मिसाइल के हमले में एक सैनिक की मौत हो गयी और रॉकेट के हमले में छह वर्षीय बच्चे की भी मृत्यु हो गयी।

संघर्ष विराम के लिए आए मिस्र के प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले गाजा पट्टी में हमास के अधिकारियों से वार्ता की और उसके बाद इजराइल की सीमा में पहुंचे। मिस्र दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहा है।इस्लामी उग्रवादी समूह ने भी पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है और उसने इजराइली शहरों में सैकड़ों रॉकेट दागे।

वार्ताकारों की मौजूदगी के बावजूद गाजा के उग्रवादियों ने एक साथ करीब 100 रॉकेट दागे जिससे इजराइल के दक्षिणी और मध्य शहरों में हवाई हमले के सायरन बज उठे।नुकसान या हताहत होने के बारे में फिलहाल कोई खबर नहीं मिली है। लेकिन हमले का उद्देश्य यह दिखाना है कि हमास के पास अभी काफी आयुध भंडार हैं।महज तीन दिन में दोनों पक्षों के बीच लड़ाई ने 2014 के उस विध्वंसक युद्ध की याद दिला दी जो 50 दिन तक चला था।

इस लड़ाई ने इजराइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है। इजराइल ने सुबह होते ही कई हवाई हमले किए और गाजा में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया। बुधवार को भी हवाई हमले जारी रहे थे जिससे हवा में धुएं का गुबार बन गया। यह संघर्ष ऐसे वक्त चल रहा है जब मुस्लिमों के लिए रमजान का पवित्र महीना खत्म होने के बाद ईद मनायी जा रही है।

हमास ने लोगों से खुले स्थान के बजाए, अपने घरों के भीतर ही या निकटवर्ती मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करने का आग्रह किया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू डोम मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली का जायजा लेने पहुंचे। सेना ने कहा है कि इस प्रतिरक्षा प्रणाली ने गाजा से दागे गए 1200 रॉकेट में 90 प्रतिशत को गिरा दिया गया।

हमास ने कहा है कि उसने गाजा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट अयाश दागे। इजराइली मीडिया ने कहा कि यह रॉकेट रेगिस्तानी इलाके में गिरा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने गाजा में असैन्य इलाकों से इजराइली आबादी वाले इलाकों की ओर ‘‘अंधाधुंध रॉकेट दागे’’ जाने की निंदा की लेकिन साथ ही उन्होंने इजराइल से ‘‘अधिक से अधिक संयम बरतने’’ का भी अनुरोध किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने नेतन्याहू को फोन कर इजराइल के अपने प्रतिरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी जे. ब्लिंकन ने नेतन्याहू से इजराइल के अपनी रक्षा करने के अधिकार का समर्थन करने का आह्वान किया और कहा कि वह तनाव खत्म करने की कोशिश के तहत एक वरिष्ठ राजनयिक को भेज रहे हैं।

हिंसा का यह दौर एक महीने पहले यरुशलम में शुरू हुआ जहां रमजान के पवित्र महीने के दौरान हथियारों से लैस इजराइली पुलिस तैनात रही और यहूदी शरणार्थियों द्वारा दर्जनों फलस्तीनी परिवारों को निर्वासित करने के खतरे ने प्रदर्शनों को हवा दी और पुलिस के साथ झड़पें हुई। अल अक्सा मस्जिद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड फेंके।यरुशलम को बचाने का दावा करने वाले हमास ने सोमवार देर रात इजराइल में कई रॉकेट दागे जिसके बाद लड़ाई शुरू हो गई।