प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े पाकिस्तानी संगठन फलाह-ए-इंसानियत के खिलाफ धन शोधन का एक मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
ईडी ने कहा कि धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया है। हवाला के जरिए मनी लांड्रिंग करने में संगठन की संलिप्तता को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
केंद्रीय एजेंसी ने कहा है कि उसने फलाह-ए-इंसानियत के खिलाफ अपना खुद का मामला दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक एफआईआर का संज्ञान लिया है, जो गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत पिछले साल सितंबर में दर्ज की गई थी।
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एनआईए ने इस मामले में तलाशी ली थी और चार दर्जन से अधिक सिम कार्ड, फोन और 1. 56 करोड़ रूपये की संदिग्ध रकम जब्त की थी। साथ ही, इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
ईडी ने कहा कि मामले में गिरफ्तार एक आरोपी दिल्ली का मोहम्मद सलमान है। वह दुबई में रहने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक से नियमित रूप से संपर्क में था, जो फलाह-ए-इंसानियत के उप प्रमुख से संबंध रखता था।
सलमान पर आरोप है कि उसने हवाला के जरिए फलाह-ए-इंसानियत के संचालकों से धन हासिल किया। साथ ही, उसने और अन्य लोगों ने पाकिस्तान एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विभिन्न लोगों से कथित तौर पर अवैध धन प्राप्त किया।
ईडी ने एक बयान में कहा है, ‘‘इस धन का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और अशांति पैदा करने में किया गया।’’


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