BREAKING NEWS

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 80 मजदूरों की मौत पर बोलीं प्रियंका-शुरू से की गई उपेक्षा◾कपिल सिब्बल का प्रधानमंत्री पर वार, कहा-PM Cares Fund से प्रवासी मजदूरों को कितने रुपए दिए बताएं◾कोरोना संकट : दिल्ली सरकार ने राजस्व की कमी के कारण केंद्र से मांगी 5000 करोड़ रुपए की मदद ◾मन की बात में PM मोदी ने योग के महत्व का किया जिक्र, बोले- भारत की इस धरोहर को आशा से देख रहा है विश्व◾'मन की बात' में PM मोदी ने देशवासियों की सेवाशक्ति को कोरोना जंग में बताया सबसे बड़ी ताकत◾तमिलनाडु सरकार ने 30 जून तक बढ़ाया लॉकडाउन, सार्वजनिक परिवहन की आंशिक बहाली की दी अनुमति ◾कोविड-19 : देश में संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 82 हजार के पार, महामारी से 5164 लोगों ने गंवाई जान ◾विश्व में कोरोना मरीजों का बढ़ोतरी का सिलसिला जारी, संक्रमितों का आंकड़ा 60 लाख के पार◾महाराष्ट्र में लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद शरद पवार ने CM उद्धव ठाकरे से की मुलाकात ◾दिल्ली में कोविड-19 के 1163 नए मामले की पुष्टि, संक्रमितों की संख्या 18 हजार को पार◾देशभर में 30 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, 8 जून से रेस्टोरेंट, मॉल और धार्मिक स्थल खोलने की मिली अनुमति ◾लॉकडाउन, अनुच्छेद 370 खत्म करना, राम मंदिर ट्रस्ट बड़ी उपलब्धियों में शामिल : गृह मंत्रालय ◾हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग कष्ट में हैं और भाजपा सरकार जश्न मना रही है : प्रियंका गांधी वाड्रा ◾लद्दाख सीमा तनाव पर रक्षामंत्री बोले- चीन से डिप्लोमैटिक और मिलिट्री लेवल पर चल रही है बातचीत ◾लॉकडाउन 5.0 लागू करने पर पीएमओ में महामंथन, गृहमंत्री अमित शाह ने की पीएम मोदी से मुलाकात◾कोरोना के बढ़ते केसों से घबराएं नहीं, महामारी से चार कदम आगे है आपकी सरकार : CM केजरीवाल◾मोदी सरकार 2.0 की पहली वर्षगांठ पर कांग्रेस ने कसा तंज, ‘बेबस लोग, बेरहम सरकार’ का दिया नारा ◾मोदी जी की इच्छा शक्ति की वजह से सरकार ने साहसिक लड़ाई लड़ी एवं समय पर निर्णय लिये : नड्डा ◾कोविड-19 पर पीएम मोदी का आह्वान - 'लड़ाई लंबी है लेकिन हम विजय पथ पर चल पड़े हैं'◾दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर कांग्रेस, भाजपा के निशाने पर केजरीवाल सरकार◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई - महामारी आगामी कुछ समय में अपने चरम पर पहुंच जाएगी

यूरोप में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या शनिवार को काफी बढ़ गई वहीं विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि महामारी आगामी कुछ समय में अपने चरम पर पहुंच जाएगी। 

इटली और स्पेन में मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है वहीं आईएमएफ ने पुष्टि की है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक रूप से कमजोर हुई है और अमेरिका ने युद्ध के समय खरीदारी की शक्तियां लागू की हैं। 

एएफपी के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस के फैलने के बाद से अभी तक पूरी दुनिया में इस महामारी से छह लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और 27,989 लोगों की मौत हो चुकी है। 

कोरोना वायरस का प्रकोप झेल रहे इटली में संक्रमण के मामले खतरनाक रूप से बढ़ गए हैं। अधिकारियों ने आगाह किया कि है कि अभी संकट और गहरा सकता है क्योंकि दुनियाभर में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अकेले यूरोप में तीन लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं, इस बीमारी के धीमा होने के बहुत कम संकेत मिले हैं और दुनिया पहले ही मंदी के दौर में जा चुकी है। 

स्पेन में 24 घंटे के अंदर 832 लोगों की मौत हो गई जिससे मृतकों की कुल संख्या 5690 पहुंच गई है जो इटली के बाद सर्वाधिक है जहां शुक्रवार को एक दिन के अंदर रिकॉर्ड 969 लोगों की मौत हो गई। 

ईरान में कोरोना वायरस से 139 और लोगों की मौत हो गई और भारत के पंजाब में एक दर्जन गांवों को सील कर दिया गया जहां एक गुरु ने दौरा किया था जिसे संक्रमण था और उससे ‘‘संक्रमण के फैलने’’ का खतरा है। 

अमेरिका में कोविड-19 के 104,000 से अधिक मरीज सामने आने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को युद्धकाल की शक्तियों को लागू करते हुए एक निजी कंपनी को चिकित्सा उपकरण बनाने का अधिकार दिया। 

ट्रम्प ने जनरल मोटर्स को जारी किए आदेश में कहा, ‘‘आज के कदमों से वेंटीलेटर्स का उत्पादन जल्द होगा जिससे अमेरिकियों की जान बचेगी।’’ 

देश के 60 फीसदी हिस्से के लॉकडाउन होने और संक्रमण के मामलों में बेतहाशा वृद्धि के चलते ट्रम्प ने अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े दो हजार अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज पर भी हस्ताक्षर किए। 

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने शुक्रवार को खुद के कोविड-19 से संक्रमित होने की घोषणा की। 

यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था सीमाओं के बंद होने के कारण डावांडोल होती जा रही है। इटली के प्रधानमंत्री गुइसेप कोंटे ने चेतावनी दी है कि यह संघ अपनी प्रासंगिकता खो सकता है। उन्होंने यहां के एक समाचार पत्र से कहा, ‘‘अगर यूरोप इस अभूतपूर्व चुनौती के लिए तैयार नहीं होता है तो पूरे यूरोपीय ढांचे का लोगों के लिए कोई मायने नहीं रहेगा।’’ 

इटली का समर्थन करते हुए फ्रांस और स्पेन ने भी कहा कि संकट की घड़ी में मजबूत वित्तय व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड राष्ट्रीय ऋणों को पूल करने के आह्वान का विरोध कर रहे हैं। 

इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख क्रिस्टिलीना जॉर्जीवा ने कहा कि विकासशील देशों की सहायता के लिए बड़े पैमाने पर खर्च किए जाने की आवश्यकता होगी और चेतावनी दी, ‘‘यह स्पष्ट है कि मंदी शुरू हो गई है।’’ 

एक ओर जहां यूरोप और अमेरिका कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी पर लगाम लगाने के लिए जूझ रहे हैं वहीं सहायता समूहों ने आगाह किया है कि उचित कदम न उठाने पर कम आय वाले देशों और सीरिया तथा यमन जैसे युद्धग्रस्त देशों में लाखों लोग जान गंवा सकते हैं जहां साफ-सफाई की स्थिति पहले से ही बदतर है। 

अफ्रीकी संघ के अनुसार, अफ्रीका में आधिकारिक संख्या अब भी कम है। वहां शुक्रवार तक 83 लोगों की मौत हुई और 3200 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए। 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी, ‘‘अगर हम कोरोना वायरस को जंगल की आग की तरह फैलने देंगे तो दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में लाखों लोग मारे जाएंगे।’’ 

इस बीच, दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस के 146 नए मामले सामने आए तथा पांच और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही देश में कुल संक्रमित लोगों की संख्या 9,478 हो गई और 144 लोग जान गंवा चुके हैं। 

दक्षिण कोरिया के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने बताया कि शनिवार तक 4,811 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई। ज्यादातर 71 नए मामले इस विषाणु से सबसे अधिक प्रभावित दाएगू शहर से सामने आए। 

वहीं, ब्रूनेई में इस विषाणु से 64 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। तेल संपन्न इस देश में कोरोना वायरस से मौत का यह पहला मामला है। 

ब्रूनेई में मलेशिया में एक धार्मिक सभा से उसके दर्जनों नागरिकों के लौटने के बाद से 115 मामले सामने आए हैं। 

वहीं, सीरिया के राष्ट्रपति और संयुक्त अरब अमीरात के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक ने शुक्रवार को फोन पर बात की जो अरब देशों के साथ दमिश्क के तनावपूर्ण संबंधों में नरमी का संकेत है। 

अमीरात के आधिकारिक समाचार एजेंसी ने बताया कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद और अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाह्यान ने कोरोना वायरस पर लगाम लगाने के प्रयासों पर चर्चा की तथा इससे लड़ने के लिए एहतियाती कदमों की समीक्षा की।