विदेश मंत्री एस जयशंकर दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को भूटान पहुंचे। मंत्री का पद संभालने के बाद यह उनका पहला विदेश दौरा है जिसके दौरान वह अपने भूटानी समकक्ष के साथ वार्ता करेंगे और प्रधानमंत्री लोते त्शेरिंग से मुलाकात करेंगे।
विदेश मंत्री के तौर पर 30 मई को पद भार संभालने वाले जयशंकर भूटान के राजा जिगमे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ भी मुलाकात कर सकते हैं। उनके आगमन पर उनके भूटानी समकक्ष तांडी दोरजी उनके स्वागत के लिए पहुंचे। जयशंकर ने ट्वीट किया, “भूटान में वापस आना सुखद है। गर्मजोशी भरे स्वागत से अभिभूत हूं।”

विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह दौरा दर्शाता है कि करीबी मित्र एवं पड़ोसी भूटान के साथ संबंधों को भारत कितना महत्त्व देता है। भूटान भारत का करीबी सहयोगी रहा है और पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में काफी प्रगति हुई है।
मंत्रालय ने कहा, ”भारत एवं भूटान के बीच अनूठा और वक्त की कसौटी पर परखा गया द्विपक्षीय संबध है जो अत्यंत विश्वास, सद्भावना एवं परस्पर समझदारी के आधार पर बना है।” मंत्रालय ने कहा, “दौरे के दौरान दोनों पक्ष आगामी उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, आर्थिक विकास एवं पन-बिजली क्षेत्र में सहयोग समेत द्विपक्षीय संबंधों के तमाम पहलुओं पर चर्चा करेंगे।”


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