BREAKING NEWS

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गलत नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता बढ़ी : कांग्रेस ◾PM की मौजूदगी में तानों का करना पड़ा सामना, BJP का नाम होना चाहिए ‘भारत जलाओ पार्टी’ : CM ममता ◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं से किया संवाद, जीवनी पढ़ने की दी सलाह ◾राहुल के आरोपों पर बोले CM शिवराज, कांग्रेस के माथे पर देश के विभाजन का पाप◾किसानों ने ट्रैक्टर परेड के लिए तैयार किया ब्लू प्रिंट, चाकचौबंद व्यवस्था के साथ ये है गाइडलाइन्स◾PM की वजह से देश हो गया एक कमजोर और विभाजित भारत, अर्थव्यवस्था हुई ध्वस्त : राहुल गांधी ◾महाराष्ट्र में किसानों का हल्ला बोल, कृषि कानून विरोधी रैली में उतरेंगे शरद पवार-आदित्य ठाकरे ◾सिक्किम में चीनी घुसपैठ को भारतीय सैनिकों ने किया नाकाम, चीन के 20 सैनिक जख्मी◾करीब 15 घंटे तक चली भारत और चीन के बीच वार्ता, टकराव वाले स्थानों से सैनिकों को पीछे हटाने पर हुई चर्चा ◾मध्य और उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी, कश्मीर में न्यूनतम तापमान में गिरावट◾Covid-19 : देश में 13203 नए मामलों की पुष्टि, पिछले आठ महीने में सबसे कम लोगों की मौत ◾TOP 5 NEWS 25 JANUARY : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी, महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 21.2 लाख से पार◾राम जन्मभूमि पर बन रहा राम मंदिर देश की एकता का मंदिर है : प्रकाश जावड़ेकर ◾किसान नेताओं ने ट्रैक्टर परेड शुरू करने के लिए 3 स्थान तय किए, शांतिपूर्वक आयोजित करने की अपील की ◾राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए कहा-चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्रों पर कर रहे हैं कब्जा ◾ट्रैक्टर परेड को नाकाम करने की पाक ने बनायी साजिश, पाक ने 300 से अधिक ट्विटर अकाउंट बनाए ◾नेपाल: ‘प्रचंड’ के नेतृत्व वाले गुट ने प्रधानमंत्री ओली को पार्टी की सदस्यता से निष्कासित किया ◾UP के BJP विधायक का विवादित बयान, कहा- ‘राक्षसी’ संस्कृति की है ममता बनर्जी, उनके डीएनए में दोष◾किसानों की परेशानियों को सुनने और समझने की बजाए सरकार उन्हें आतंकवादी कहती है : राहुल गांधी◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

सनसनीखेज दावा : 'फेस शील्ड और एन-95 मास्क मिलकर भी कोरोना संक्रमण को नहीं रोक सकता'

न्यूयॉर्क :चीन से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया की रफ़्तार पर ब्रेक लगा दिए है और इसका प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत भी इस महामारी से बुरी तरह जूझ रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे है ताकि इसके प्रकोप से बचा जा सके। रूस से कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा जरूर किया है पर अभी इस वैक्सीन पर बहुत से देश भरोसा नहीं कर पा रहे है।   

कोरोनाकाल में महामारी से बचने के लिए उचित सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है, लेकिन कई बार हमारी नजरों में कई ऐसे लोग भी आते हैं, जिन्हें हम बिना मास्क लगाए सड़कों पर घूमते हुए देखते हैं और कई लोग ऐसे भी हैं जो इन्हें हर वक्त पहने रहते हैं। इस पर ही हुए एक शोध का नतीजा अब सामने आया है। 

भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए एक शोध में यह चेताया गया कि एक्सहेलेशन वाल्व वाले मास्क के साथ फेस शील्ड पहनने के बाद भी कोरोना की चपेट में आसानी से आया जा सकता है। अगर कोरोना से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता है, तो उसकी छींटों से निकलने वाले वायरस फेस शील्ड की दीवारों में घूमते रहते हैं। 

फ्लोरिडा अटलांटिक यूनीवर्सिटी (एफएयू) में सीटेक के निदेशक, प्राध्यापक, डिपार्टमेंट ऑफ चेयर मनहर धनक कहते हैं, "समय के साथ ये ड्रॉपलेट्स सामने और पीछे की ओर दोनों ही दिशाओं में काफी बड़े पैमाने पर फैलते हैं, हालांकि वक्त की अधिकता के साथ इनके असर में कमजोरी आती जाती है।"

शोधपत्र के मुख्य लेखक सिद्धार्थ वर्मा रहे हैं, जिनके साथ मिलकर प्रोफेसर धनक ने इसका सह-लेखन किया है। उनके इस काम में जॉन फ्रैंकफील्ड भी साथ रहे हैं, जो एफएयू के डिपार्टमेंट ऑफ ओशन एंड मेकैनिकल इंजीनियरिंग के तकनीकि विशेषज्ञ हैं। 

धनक आगे कहते हैं, "हम यह देखने में समर्थ हो पाए हैं कि शील्ड की मदद से ड्रॉपलेट्स को सामने से चेहरे पर पड़ने से तो रोका जा सकता है, लेकिन हवाओं में विचरण करने वाले से ड्रॉपलेट्स शील्ड की दीवारों में पड़ने के साथ ही इधर-उधर प्रसार करते रहते हैं।"

फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स एकेडेमिक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में एन-95 मास्क के बारे में बताया कि इसमें मौजूद एक्सहेलेशन वाल्व की मदद से बड़ी संख्या में ड्रॉपलेट्स इनमें से होकर आप तक पहुंच सकते हैं। 

इस शोध के लिए रिसर्चरों ने प्रयोगशाला में एक लेजर लाइट शीट और ड्रॉपलेट्स के रूप में डिस्टिल्ड वॉटर व ग्लिसरीन का इस्तेमाल करते हुए इनके विचरण पर गौर फरमाया और पाया कि किसी के खांसने या छींकने से निकलने वाले ये ड्रॉपलेट्स सतह पर व्यापक पैमाने पर फैलते हैं। 

कुल मिलाकर, ये स्पष्ट है कि फेस शील्ड और एन-95 मास्क मिलकर भी कोरोना को रोकने की दिशा में उस हद तक कारगर नहीं हैं। ऐसे में बिना वाल्व वाले आम मास्क का उपयोग वायरस से बचने के लिए किया जा सकता है। 

अमेरिका ने दुनिया को दिया झटका, कोरोना वैक्सीन खोजने के वैश्विक प्रयास में शामिल नहीं होगा