ईरान ने अपने देश के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आतंकवाद संबंधी आरोपों की आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिका क्षेत्र में सभी आतंकवादी समूहों की जननी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम कासेमी ने बुधवार को कहा, ‘‘ मध्य-पूर्व और पश्चिम एशिया में आतंकवाद पिछले कुछ वर्षों और दशकों में अमेरिका और इसके कुछ सहयोगी देशों द्वारा अपनायी गयी गलत नीतियों का परिणाम है। अमेरिका की नीतियों के कारण क्षेत्र में विनाशकारी स्थिति, तनाव और अस्थिरता को बढ़वा मिला है।

अमेरिका की अपने हितों के लिए लागू की गयीं नीतियों के कारण अल-कायदा, आईएस, चरमपंथी और आतंकवादी समूह गठित हुये हैं। ’’ फार्स न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार प्रवक्ता ने ईरान के खिलाफ आंतकवाद संबंधी आरोपों के लिए ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ईरान की वास्वतिक लड़ई और इराक और सीरिया में आईएस को परास्त करने में उनके देश की मुख्य भूमिका से हर कोई अवगत है।

 श्री कासेमी ने कहा, ‘‘ ईरान के लोग और सरकार के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति के आधारहीन, काल्पनिक और तर्कहीन आरोप अमेरिका के पक्ष और अमेरिका समर्थित तानाशाही शासन को नहीं बचा सकते। ईरान का यह बयान ट्रंप द्वारा अपने भाषण में ईरान को ‘‘कट्टरपंथी शासन’’ के रूप में वर्णित किये जाने के बाद आया है। श्री ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आतंकवाद संबंधी आरोप लगाकर उसके साथ वर्ष 2015 के परमाणु समझौते से बाहर होने के अपने निर्णय का बचाव किया था। इस समझौते के बाद ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम में कटौती करनी थी और उसके खिलाफ लगे प्रतिबंध हटा लिये गये थे। ट्रंप ने समझौते से हटने के बाद ईरान के खिलाफ नये प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी।