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ईरान ने नातान्ज परमाणु इकाई में विद्युत आपूर्ति बाधित होने को ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

ईरान ने अपनी भूमिगत नातान्ज परमाणु इकाई में विद्युत आपूर्ति बाधित होने को रविवार को ‘‘परमाणु आतंकवाद’’ की कार्रवाई करार दिया। इससे ऐसे समय में क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है जब वैश्विक शक्तियां और ईरान परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं। 

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सालेही ने हालांकि इस घटना के लिए सीधे तौर पर किसी को भी दोषी नहीं ठहराया। 

इकाई में रविवार सुबह वास्तव में क्या हुआ इसकी अभी पूरी जानकारी नहीं है। इसे शुरुआत में इकाई को विद्युत आपूर्ति करने वाली ग्रिड में गड़बड़ी की वजह से बिजली आपूर्ति में बाधा बताया गया। 

कई इजराइली मीडिया घरानों ने आकलन किया कि एक साइबर हमले की वजह से नातान्ज में अंधेरा छा गया और उस इकाई को क्षति पहुंची जहां संवेदनशील सेंट्रीफ्यूज स्थित हैं। हालांकि, खबरों में इस आकलन के लिए किसी स्रोत का उल्लेख नहीं किया गया। इजराइली मीडिया का देश की सैन्य एवं खुफिया एजेंसियों के साथ नजदीकी संबंध है। 

यदि इजराइल इसके लिए जिम्मेदार है तो इससे दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है। दोनों देशों में पहले से तनाव है। 

सरकारी टेलीविजन के अनुसार सालेही ने कहा, ‘‘इस आतंकवादी आंदोलन के लक्ष्य को विफल करने के लिए ईरान एक तरफ परमाणु तकनीक में गंभीरता से सुधार जारी रखेगा और दूसरी ओर दमनकारी प्रतिबंधों को हटाने के लिए भी प्रयास जारी रखेगा।’’ 

उन्होंने कहा: ‘‘इस हताश कदम की निंदा करते हुए ईरान इस परमाणु आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय निकायों (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) द्वारा विरोध किये जाने की आवश्यकता पर जोर देता है।’’ 

तेहरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करने वाली संयुक्त राष्ट्र निकाय आईएईए ने पहले कहा था कि उसे नातान्ज की घटना के बारे में मीडिया में आयी खबरों की जानकारी है और उसने ईरानी अधिकारियों से इस बारे में बात की है। एजेंसी ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। 

रविवार की घटना से इजराइल के मुख्य सुरक्षा साझेदार अमेरिका द्वारा किए गए प्रयासों को भी धक्का लगेगा जो परमाणु समझौते में फिर से शामिल होना चाहता है। इस समझौते का उद्देश्य तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना है ताकि वह चाहे भी तो कोई परमाणु हथियार हासिल न कर सके। बिजली ग्रिड में दिक्कत उत्पन्न होने की खबर सामने आते ही, अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ के साथ वार्ता के लिए रविवार को इजराइल पहुंचे। 

असैन्य परमाणु कार्यक्रम के प्रवक्ता बेहरोज कमलवांदी ने इससे पहले ईरान के सरकारी टेलीविजन को बताया था कि नातान्ज में विभिन्न इकाइयों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। इसमें कार्यशालाएं और भूमिगत संवर्धन हॉल शामिल हैं। 

सालेही द्वारा सरकारी टेलीविजन को दिये गए बयान में हालांकि यह नहीं समझाया गया कि इकाई में वास्तव में क्या हुआ। हालांकि नातान्ज को पूर्व में भी निशाना बनाया गया है। 

स्टक्सनेट कंप्यूटर वायरस से एक बार नातान्ज में ईरानी सेंट्रीफ्यूज को नष्ट कर दिया गया था। स्टक्सनेट का पता 2010 में चला था और इसके बारे में माना जाता है कि यह अमेरिका-इजराइल द्वारा निर्मित था। 

नातान्ज के उन्नत अपकेंद्रण संयंत्र में पिछले साल जुलाई में एक रहस्यमयी विस्फोट हुआ था। ईरानी परमाणु संयंत्र पर हमला करने को लेकर ईरान का क्षेत्रीय शत्रु इजराइल संदेह के घेरे में रहा है। ईरान ने देश के सैन्य परमाणु कार्यक्रम की कई दशक पहले शुरुआत करने वाले वैज्ञानिक की हत्या के लिए इजराइल को ही दोषी ठहराया था। 

इजराइल के कई मीडिया घरानों ने रविवार को बताया कि एक साइबर हमला नातान्ज में विद्युत आपूर्ति बाधित होने का कारण बना। सरकारी प्रसारणकर्ता कान ने कहा कि हमले के पीछे इजराइल का हाथ होने की आशंका है। इसने एक दशक पहले स्टक्सनेट हमले के लिए इजराइल की कथित जिम्मेदारी का हवाला दिया। चैनल 12 टीवी ने Òविशेषज्ञोंÓ का हवाला देते हुए कहा कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने से इस इकाई के सभी क्षेत्र प्रभावित हुए। 

किसी भी खबर में किसी स्रोत या इसका स्पष्टीकरण शामिल नहीं था कि मीडिया घराने इस आकलन तक कैसे पहुंचे। 

तेल अवीव इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के एक वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता वाई गुजनस्की ने रविवार की घटना के बारे में कहा, ‘‘मेरे लिए यह विश्वास करना कठिन है कि यह एक संयोग है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह एक संयोग नहीं है और यह एक बड़ी बात है, अगर कोई यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि हम ईरान की उन्नति को सीमित कर सकते हैं..।’’ 

इजराइल ने किसी भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, हालांकि वह अपनी मोसाद गुप्तचर एजेंसी या विशेष सैन्य इकाइयों द्वारा किये जाने वाले अभियानों की आम तौर पर चर्चा नहीं करता है। 

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कई बार ईरान को अपने देश के लिए बड़ा खतरा बताया है। 

रविवार को ऑस्टिन के साथ बैठक करते हुए गैंट्ज़ ने कहा कि उनका देश इजराइल अमेरिका को ईरान सहित सभी खतरों के खिलाफ सहयोगी के रूप में देखता है। 

गैंट्ज ने कहा, ‘‘आज का तेहरान पूरे पश्चिम एशिया और इजराइल के लिए, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक खतरा है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे कि ईरान के साथ कोई भी नया समझौता दुनिया, अमेरिका के महत्वपूर्ण हितों को सुरक्षित करेगा, हमारे क्षेत्र में हथियारों की खतरनाक दौड़ को रोकेगा और इज़राइल की रक्षा करेगा।’’ 

इज़राइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अवीव कोचवी भी ईरान की ओर इशारा करते प्रतीत हुए।